పట్టాలు తప్పిన రైలు పట్టాలు తప్పిన చెన్నై ఎక్స్ ప్రెస్ రైలు నేటి నుంచి భారత్ ట్యాక్సీ సేవలు రికార్డు స్థాయికి చేరిన భారత్-చైనా ట్రేడ్ క్రీడా సంఘాల పాలనపై సుప్రీం కోర్టు కీలక వ్యాఖ్యలు ఉచిత పథకాలపై ఆర్థిక సర్వే హెచ్చరిక ముగిసిన అజిత్ పవార్ అంత్యక్రియలు ప్రపంచ దేశాలకు భారత్ షాక్ నేటి నుంచి పార్లమెంట్ బడ్జెట్ సమావేశాలు మహారాష్ట్ర డిప్యూటీ సీఎం అజిత్ పవార్ దుర్మరణం పట్టాలు తప్పిన రైలు పట్టాలు తప్పిన చెన్నై ఎక్స్ ప్రెస్ రైలు నేటి నుంచి భారత్ ట్యాక్సీ సేవలు రికార్డు స్థాయికి చేరిన భారత్-చైనా ట్రేడ్ క్రీడా సంఘాల పాలనపై సుప్రీం కోర్టు కీలక వ్యాఖ్యలు ఉచిత పథకాలపై ఆర్థిక సర్వే హెచ్చరిక ముగిసిన అజిత్ పవార్ అంత్యక్రియలు ప్రపంచ దేశాలకు భారత్ షాక్ నేటి నుంచి పార్లమెంట్ బడ్జెట్ సమావేశాలు మహారాష్ట్ర డిప్యూటీ సీఎం అజిత్ పవార్ దుర్మరణం

National- 40 हजार करोड़ बैंक फ्रॉड, ईडी ने आरकॉम के पूर्व डायरेक्टर पुनीत को किया गिरफ्तार

Author Icon By Anuj Kumar
Updated: January 31, 2026 • 2:25 PM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

नई दिल्ली,। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) के पूर्व डायरेक्टर और प्रेसिडेंट पुनीत गर्ग को करीब 40 हजार करोड़ रुपये के कथित बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। ईडी ने शुक्रवार को जानकारी दी कि दिल्ली की एक विशेष अदालत ने गर्ग को 9 दिनों की ईडी कस्टडी में भेज दिया है। पुनीत गर्ग को गुरुवार को हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।

बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग में अहम भूमिका का आरोप

ईडी के अनुसार, पुनीत गर्ग अनिल अंबानी ग्रुप (Anil Ambani Group) की कंपनियों के जरिए बैंकों से लिए गए भारी-भरकम कर्ज की हेराफेरी और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रहे थे। जांच एजेंसी का दावा है कि गर्ग को इस बात की पूरी जानकारी थी कि लोन की रकम कहां और किस तरीके से डायवर्ट की जा रही है।

24 साल तक आरकॉम में निभाई अहम जिम्मेदारी

पुनीत गर्ग लंबे समय तक रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े रहे। ईडी के मुताबिक, वह वर्ष 2001 से 2025 तक कंपनी में अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे। इस दौरान उन्होंने डायरेक्टर और प्रेसिडेंट जैसे वरिष्ठ पद संभाले। एजेंसी का आरोप है कि इसी अवधि में बैंक फ्रॉड से जुड़े पैसों को छिपाने, इधर-उधर करने और कई स्तरों में घुमाने (लेयरिंग) की प्रक्रिया में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई।

विदेशी कंपनियों के जरिए फंड डायवर्जन का आरोप

ईडी ने अपनी जांच में दावा किया है कि आरकॉम और उसकी ग्रुप कंपनियों ने बैंकों से लिए गए हजारों करोड़ रुपये के लोन का इस्तेमाल तय उद्देश्य के लिए नहीं किया। इसके बजाय इस रकम को कई विदेशी सब्सिडियरी कंपनियों और अन्य संस्थाओं के माध्यम से डायवर्ट किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, पुनीत गर्ग इस पूरी योजना से अवगत थे और अपराध से अर्जित धन को ठिकाने लगाने में उन्होंने कंपनी प्रबंधन की मदद की।

पत्नी के नाम पर खरीदी गई संपत्तियां भी जब्त

गौरतलब है कि पुनीत गर्ग की गिरफ्तारी से दो दिन पहले ईडी ने एक और अहम कार्रवाई करते हुए उनकी पत्नी के नाम पर खरीदे गए शेयर और म्यूचुअल फंड्स को अटैच कर लिया था। ईडी का मानना है कि ये निवेश उसी कथित धोखाधड़ी की रकम से किए गए थे, जो बैंकों से अवैध तरीके से हासिल की गई थी।

अन्य पढ़े: ट्रम्प अकाउंट: अमेरिका में पैदा होने वाले हर बच्चे को मिलेंगे ₹92 हजार

अनिल अंबानी ग्रुप की बढ़ीं मुश्किलें

पुनीत गर्ग की गिरफ्तारी के बाद अनिल अंबानी ग्रुप की कानूनी और कारोबारी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। हालांकि, इस मामले में रिलायंस ग्रुप की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आरकॉम पहले ही भारी कर्ज और दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है। अब कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी की गिरफ्तारी से ग्रुप की साख पर और नकारात्मक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

Read More :

# Punit Garg News #Anil ambani News #Breaking News in Hindi #ED news #Hindi News #Latest news #Money Laundring news #RCOM News

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.