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Latest Hindi News : Putin-पुतिन की यात्रा से उम्मीदें, क्या भारत थाम सकेगा रूस-यूक्रेन युद्ध?

Author Icon By Anuj Kumar
Updated: December 4, 2025 • 11:03 AM
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नई दिल्ली। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Bladimir Putin) आज से दो दिन की भारत यात्रा पर हैं। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) उन्हें निजी रात्रिभोज देंगे। इस राज्य भोज में दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी और पुतिन भारतीय उद्योग जगत के दिग्गजों को भी संबोधित करेंगे।

क्या मोदी मनवा पाएंगे पुतिन को?

सबसे बड़ी चर्चा इसी बात की है कि क्या मोदी एक बार फिर पुतिन को युद्ध खत्म करने के लिए मना पाएंगे। यूरोप और अमेरिका का कहना है कि पुतिन प्रधानमंत्री मोदी की बात सुनते हैं, इसलिए भारत ही रूस पर दबाव बना सकता है।

पश्चिमी देशों की उम्मीदें और बयान

हाल ही में पोलैंड के उप विदेश मंत्री ने कहा कि यह युद्ध किसी के हित में नहीं है और उम्मीद जताई कि मोदी पुतिन से साफ बात करेंगे। ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी (Jermany) के राजदूतों ने एक संयुक्त लेख में रूस की आलोचना की और अप्रत्यक्ष रूप से भारत से मध्यस्थता की अपील की। भारत ने इस लेख को कूटनीतिक शिष्टाचार का उल्लंघन बताया।

रूसी तेल पर दबाव भी रहेगा मुद्दा

पश्चिमी देश बार-बार भारत से कह रहे हैं कि रूसी तेल न खरीदा जाए। उनका कहना है कि इससे रूस को युद्ध चलाने के लिए पैसा मिल रहा है। भारत ने ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए यह दबाव अब तक टाल दिया है, लेकिन इस यात्रा में यह विषय फिर उठ सकता है।

2022 से अब तक मोदी का साफ संदेश

मोदी ने 2022 में समरकंद में पुतिन से कहा था— “यह युग युद्ध का नहीं है।” पिछले साल मॉस्को जाकर भी उन्होंने बातचीत से हल निकालने की बात दोहराई। युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच 16 बार बातचीत हो चुकी है। इस बार भी मोदी का संदेश स्पष्ट रहेगा— युद्ध रोको, बातचीत शुरू करो।

भारत की भूमिका: न रूस के साथ, न पश्चिम के साथ

भारत का रुख संतुलित रहा है। वह केवल शांति की बात कर रहा है।
भारत ने पहले भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है—

क्या इस मुलाकात से बदलेंगे हालात?

तत्काल युद्धविराम की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन दुनिया की उम्मीदें इस मुलाकात पर टिकी हैं। पश्चिमी देशों की नजर में यदि कोई नेता पुतिन को शांति की ओर ले जा सकता है, तो वह नरेंद्र मोदी ही हैं।

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