देश के युवा सैनिकों के पुनर्वास और रोजगार सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। (Indian Railways) ने भारतीय सेना के साथ मिलकर एक विशेष “सहयोग ढांचा” तैयार किया है, जिसके तहत अग्निवीर योजना के तहत सेवा पूरी करने वाले जवानों को रेलवे नौकरियों में प्राथमिकता और तय आरक्षण का लाभ मिलेगा। पहले अग्निवीर बैच (Agnivir Batch) के इस वर्ष चार साल का कार्यकाल पूरा करने के मद्देनज़र रेल मंत्रालय ने भर्ती नियमों में स्पष्ट संशोधन किए हैं।
रेलवे में कितना मिलेगा आरक्षण?
रेल मंत्रालय के अनुसार पूर्व अग्निवीरों और भूतपूर्व सैनिकों के लिए अलग-अलग स्तर पर कोटा निर्धारित किया गया है—
लेवल-1 पद (ग्रुप-डी के समकक्ष)
- भूतपूर्व सैनिक: 20% आरक्षण
- पूर्व अग्निवीर: 10% आरक्षण
लेवल-2 और उससे ऊपर के पद
- भूतपूर्व सैनिक: 10% आरक्षण
- पूर्व अग्निवीर: 5% आरक्षण
रेलवे में भर्तियां Railway Recruitment Board (RRB) और Railway Recruitment Cell (RRC) के माध्यम से होती हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में रेलवे ने कुल 14,788 पद भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित किए थे। इनमें 6,485 पद लेवल-1 और 8,303 पद लेवल-2 व उससे ऊपर की श्रेणी के थे।
5,000 से अधिक पदों पर प्रक्रिया तेज
नियमित चयन प्रक्रिया के समानांतर, रेलवे संविदा आधार पर भी पूर्व सैनिकों को अवसर दे रही है। देशभर में लेवल-1 श्रेणी के 5,000 से अधिक पॉइंट्समैन पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। अब तक 9 रेल मंडलों ने सेना से जुड़े संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि चयन प्रक्रिया को तेज और सरल बनाया जा सके।
अन्य सुरक्षा बलों में भी राहत
रेलवे के अलावा अन्य सुरक्षा संगठनों में भी पूर्व अग्निवीरों को विशेष लाभ दिए जा रहे हैं—
- Delhi Police में 20% आरक्षण
- फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) में छूट
- आयु सीमा में 3 वर्ष की रियायत
इसके अतिरिक्त Central Armed Police Forces (CAPFs) के ग्रुप-सी पदों पर आरक्षण दिसंबर 2025 से 10% से बढ़ाकर 50% किया गया है। साथ ही शारीरिक दक्षता परीक्षा (PST/PET) और आयु सीमा में भी विशेष छूट का प्रावधान किया गया है।
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पहल का उद्देश्य
सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि अग्निवीर योजना के तहत सेवा पूरी करने वाले जवानों को रिटायरमेंट के बाद सम्मानजनक और स्थिर रोजगार के अवसर मिलें। रेलवे और सेना के बीच यह तालमेल युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने और सैन्य सेवा के बाद बेहतर करियर विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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