UP- लिव 52 की नकली दवाएं बेचने वाला गिरोह बेनकाब, 5 आरोपी गिरफ्तार

By Anuj Kumar | Updated: February 9, 2026 • 11:34 AM

गाजियाबाद,। मुरादनगर पुलिस ने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह एक प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक कंपनी (Ayurvedic Company) के नाम का दुरुपयोग कर लीवर की प्रसिद्ध दवा लिव-52 की नकली टैबलेट बनाकर बाजार में बेच रहा था। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान गिरोह के सरगना मयंक अग्रवाल सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से लगभग 50 हजार नकली टैबलेट, डेढ़ हजार खाली सफेद डिब्बियां, भारी मात्रा में रैपर और अन्य पैकेजिंग सामग्री बरामद की गई है। इस सफलता पर पुलिस टीम को 20 हजार रुपये के इनाम की घोषणा भी की गई है।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी

पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोदीनगर निवासी सरगना मयंक अग्रवाल, दिल्ली निवासी अनूप गर्ग, नंदग्राम के तुषार ठाकुर व आकाश ठाकुर और निवाड़ी के नितिन त्यागी (Nitin tyagi) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी नितिन त्यागी वर्ष 2023 में नगर पंचायत अध्यक्ष पद का निर्दलीय चुनाव भी लड़ चुका है, जबकि तुषार ठाकुर गाजियाबाद के एक मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल द्वितीय वर्ष का छात्र है। तुषार को दवाओं की तकनीकी जानकारी थी, जिसका उपयोग वह सप्लाई और कूरियर नेटवर्क संभालने में करता था।

कंपनी को मिली सूचना, यहीं से खुला राज

इस अवैध धंधे का खुलासा तब हुआ जब संबंधित नामी कंपनी के प्रतिनिधियों को अलीगढ़ के बाजार में नकली दवाएं बेचे जाने की गुप्त सूचना मिली। जांच करने पर पता चला कि इन दवाओं की खेप मुरादनगर से कूरियर के जरिए भेजी गई थी। पुलिस ने कूरियर कंपनी (Currier Company) से मिले सुरागों के आधार पर एनपी ट्रेडिंग नामक एक फर्म का पता लगाया, जिसे फर्जी तरीके से पंजीकृत कराया गया था। 3 जनवरी 2026 को इस संबंध में औपचारिक मामला दर्ज किया गया।

चार महीने में खड़ा किया नकली दवाओं का नेटवर्क

पूछताछ में गिरोह के संगठित तरीके का खुलासा हुआ। आरोपियों ने महज चार महीने पहले ही यह धंधा शुरू किया था। वे मेरठ से सफेद डिब्बियां और ढक्कन बनवाते थे, जबकि खैरनगर स्थित प्रिंटिंग प्रेस से हूबहू असली जैसे रैपर तैयार कराए जाते थे। नकली टैबलेट्स का निर्माण सोनीपत स्थित एक प्रयोगशाला में कराया जा रहा था। इसके बाद मुरादनगर में इनकी पैकिंग की जाती थी।

जीएसटी की फर्जी बिलिंग, कई जिलों में सप्लाई

गिरोह ने जीएसटी की फर्जी बिलिंग के लिए भी अलग से व्यवस्था कर रखी थी ताकि किसी को शक न हो। पुलिस के अनुसार, आरोपी अब तक उत्तर प्रदेश के कई जिलों—अलीगढ़, मथुरा, बिजनौर, आगरा, मेरठ और शामली—में 50 हजार से अधिक नकली गोलियां खपा चुके हैं। मेडिकल स्टोर संचालकों को ये दवाएं बाजार भाव से करीब 20 प्रतिशत कम कीमत पर दी जाती थीं।

अन्य पढ़े: जुमे की नमाज़ के दौरान शिया मस्जिद में धमाका

मेडिकल स्टोरों की भूमिका की भी जांच

पुलिस अब उन मेडिकल स्टोर संचालकों की भूमिका की भी जांच कर रही है जिन्होंने अधिक मुनाफे के लालच में इन नकली दवाओं को खरीदा। डीसीपी देहात ने बताया कि बरामद दवाओं के सैंपल लैब में जांच के लिए भेज दिए गए हैं, ताकि यह पता चल सके कि इनमें किन हानिकारक तत्वों का इस्तेमाल किया गया था। यह मामला न केवल कॉपीराइट का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता के जीवन के साथ किया गया गंभीर अपराध भी है।

Read More :

# GST news # Latest news # Mathura news #Aligarh news #Ayurvedic Company News #Breaking News in Hindi #Currier Network News\ #Modinagar News #Nitin Tyagi News Hindi News UP NEWS