Jharkhand- हेमंत सोरेन सरकार का बड़ा कदम, 12 लाख छात्राओं को फ्री सेनेटरी पैड

By Anuj Kumar | Updated: February 10, 2026 • 12:19 PM

रांची,। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार (Hemant Soren Governement) राज्य की सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए एक अहम पहल की तैयारी कर रही है। सरकार छात्राओं को नि:शुल्क सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है, जिससे करीब 12 से 13 लाख किशोरियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देश के बाद इस दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं और नई योजना के लिए बजट प्रावधान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

स्कूली शिक्षा और वित्त विभाग के बीच मंथन

योजना को लेकर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और वित्त विभाग के अधिकारियों के बीच बैठकें हुई हैं। इन बैठकों में सेनेटरी पैड की खरीद, वितरण व्यवस्था, गुणवत्ता मानक और निगरानी प्रणाली जैसे अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई है।

यूनिसेफ से सहयोग लेने पर भी विचार

सरकार इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए यूनिसेफ (Unicef) से सहयोग लेने पर भी विचार कर रही है। यूनिसेफ पहले से ही माहवारी स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रम संचालित करता है, जिनके अनुभव का लाभ झारखंड में लिया जा सकता है।

अन्य राज्यों के मॉडल का किया जा रहा अध्ययन

राज्य सरकार देश के अन्य राज्यों में संचालित सेनेटरी पैड वितरण योजनाओं और उनकी कार्यप्रणाली का अध्ययन कर रही है, ताकि झारखंड में इस योजना को बेहतर और व्यवस्थित तरीके से लागू किया जा सके।

अगले शैक्षणिक सत्र से लागू करने की तैयारी

सरकार की योजना है कि इस कार्यक्रम को अगले शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाए। प्रस्ताव के अनुसार कक्षा 6 से 12वीं तक की छात्राओं को हर महीने पांच से छह सेनेटरी पैड उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

फिलहाल सिर्फ कस्तूरबा विद्यालयों में मिल रही सुविधा

वर्तमान में झारखंड के सरकारी स्कूलों में सेनेटरी पैड वितरण की कोई व्यापक योजना लागू नहीं है। अभी केवल राज्य के 203 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में ही छात्राओं को यह सुविधा दी जा रही है। अन्य सरकारी स्कूलों में इसकी समुचित व्यवस्था नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई पहल

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे स्कूलों में छात्राओं को नि:शुल्क सेनेटरी पैड उपलब्ध कराएं। साथ ही अदालत ने तीन महीने के भीतर इस संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है।

अन्य पढ़े: जापान में ताकाइची की ऐतिहासिक ‘सुपर-विक्ट्री’

इस योजना से मिलेंगे कई फायदे

Read More :

#Jharkhand news #Latest news #Sanitry Pad News #School Education News #Supreme Court news #Supremecourt news #Unicef News