India US relations : अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजी 2025 में भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के प्रभाव को संतुलित करने वाला प्रमुख सहयोगी बताया गया है। इस रणनीति में भारत और क्वाड (अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया) को वॉशिंगटन की नीति का केंद्र माना गया है।
H-1B वीजा मुद्दों, टैरिफ विवादों और व्यापारिक तनावों के बावजूद अमेरिका ने साफ संकेत दिए हैं कि वह भारत के साथ रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग को और मजबूत करना चाहता है।
4 दिसंबर को जारी इस 29-पेज के दस्तावेज़ में एशिया पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें चीन को अमेरिका की सबसे बड़ी रणनीतिक चुनौती बताया गया है, जबकि भारत को इस चुनौती का मुकाबला करने वाला अहम भागीदार माना गया है। वहीं पाकिस्तान का केवल एक बार जिक्र किया गया है, वह भी रणनीतिक महत्व से अलग।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों को सुधारना जरूरी है ताकि वह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभा सके। (India US relations) क्वाड सहयोग को समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और सैन्य तालमेल के लिए अहम बताया गया है।
दस्तावेज़ के अनुसार, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र वैश्विक प्रतिस्पर्धा का केंद्र बन चुका है और आने वाले दशकों में इसका महत्व और बढ़ेगा। चीन की बढ़ती सैन्य और आर्थिक आक्रामकता लोकतांत्रिक मूल्यों और वैश्विक आपूर्ति तंत्र के लिए खतरा बन सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई रणनीति के तहत भविष्य में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की संभावनाएं और मजबूत हो सकती हैं।
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