పట్టాలు తప్పిన రైలు పట్టాలు తప్పిన చెన్నై ఎక్స్ ప్రెస్ రైలు నేటి నుంచి భారత్ ట్యాక్సీ సేవలు రికార్డు స్థాయికి చేరిన భారత్-చైనా ట్రేడ్ క్రీడా సంఘాల పాలనపై సుప్రీం కోర్టు కీలక వ్యాఖ్యలు ఉచిత పథకాలపై ఆర్థిక సర్వే హెచ్చరిక ముగిసిన అజిత్ పవార్ అంత్యక్రియలు ప్రపంచ దేశాలకు భారత్ షాక్ నేటి నుంచి పార్లమెంట్ బడ్జెట్ సమావేశాలు మహారాష్ట్ర డిప్యూటీ సీఎం అజిత్ పవార్ దుర్మరణం పట్టాలు తప్పిన రైలు పట్టాలు తప్పిన చెన్నై ఎక్స్ ప్రెస్ రైలు నేటి నుంచి భారత్ ట్యాక్సీ సేవలు రికార్డు స్థాయికి చేరిన భారత్-చైనా ట్రేడ్ క్రీడా సంఘాల పాలనపై సుప్రీం కోర్టు కీలక వ్యాఖ్యలు ఉచిత పథకాలపై ఆర్థిక సర్వే హెచ్చరిక ముగిసిన అజిత్ పవార్ అంత్యక్రియలు ప్రపంచ దేశాలకు భారత్ షాక్ నేటి నుంచి పార్లమెంట్ బడ్జెట్ సమావేశాలు మహారాష్ట్ర డిప్యూటీ సీఎం అజిత్ పవార్ దుర్మరణం

SRI LANKA-चक्रवात दित्वा की मार- श्रीलंका के पुनर्निर्माण को भारत देगा 450 मिलियन डॉलर

Author Icon By Anuj Kumar
Updated: December 24, 2025 • 11:14 AM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

नई दिल्ली,। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष दूत के रूप में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आधिकारिक रूप से अपनी श्रीलंका यात्रा की शुरुआत की। इस दौरान श्रीलंका (Sri Lanka) के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने उनका स्वागत किया। विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री की ओर से राष्ट्रपति के लिए भेजे गए पत्र और संदेश की जानकारी दी, जिसमें दित्वा चक्रवात (Ditwa cyclone) से हुए नुकसान के बाद श्रीलंका को 450 मिलियन डॉलर का पुनर्निर्माण पैकेज देने की भारत की प्रतिबद्धता जताई गई है।

दित्वा चक्रवात पर भारत की त्वरित सहायता की प्रतिबद्धता

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, राष्ट्रपति दिसानायके और विदेश मंत्री जयशंकर (Foriegn Minister Jaishankar) के बीच बातचीत में चक्रवात से श्रीलंका को हुए व्यापक नुकसान पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही इस बात पर भी जोर दिया गया कि भारत अपनी सहायता प्रतिबद्धता को जल्द से जल्द कैसे पूरा करेगा।

प्रधानमंत्री के विशेष दूत के रूप में जयशंकर की यात्रा

बताया गया कि डॉ. जयशंकर 23 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष दूत के रूप में एक दिवसीय श्रीलंका दौरे पर थे। इस दौरान दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय बैठकों में आपदा राहत और पुनर्निर्माण से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।

‘पड़ोस पहले’ नीति के तहत भारत की भूमिका

भारत और श्रीलंका के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत में डॉ. जयशंकर ने कहा कि श्रीलंका भारत का निकट पड़ोसी देश है और ‘पड़ोस पहले’ व ‘महासागर नीति’ के तहत संकट की इस घड़ी में आगे बढ़कर मदद करना भारत के लिए स्वाभाविक था उन्होंने कहा कि यह सहायता श्रीलंका की मौजूदा आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए दी जा रही है और दित्वा चक्रवात के दौरान भारत की आपदा प्रतिक्रिया में निभाई गई सहयोगात्मक भूमिका को श्रीलंका अवश्य सराहेगा।

सीडीआरआई के माध्यम से सहयोग त्वरित डिलीवरी पर चर्चा

जयशंकर ने बताया कि इस संबंध में भारत के सीडीआरआई (CDRI) के जरिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में श्रीलंका और उसके लोगों की समस्याओं को समझते हुए तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए पूरी तरह तैयार है।उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच राहत सामग्री और सहायता की त्वरित डिलीवरी के लिए प्रभावी समन्वय तंत्र पर चर्चा हुई है।

पर्यटन और निवेश के जरिए आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत श्रीलंका की मदद के लिए अन्य तरीकों पर भी काम करेगा। उन्होंने कहा कि श्रीलंका की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए भारत से पर्यटकों को द्वीपीय देश भेजने को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा भारत से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) बढ़ाकर भी श्रीलंका की अर्थव्यवस्था को इस जटिल दौर में सहयोग देने पर जोर दिया गया।

2022 के संकट के बाद नई चुनौती, लेकिन भरोसा बरकरार

डॉ. जयशंकर ने कहा कि 2022 के आर्थिक संकट के बाद यह प्राकृतिक आपदा श्रीलंका के लिए एक नई चुनौती है, लेकिन अतीत में भी श्रीलंका ने मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ कठिन परिस्थितियों का सामना किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच गहरे सहयोगात्मक संबंध भविष्य में भी और मजबूत होंगे।

Read More :

# CDRI News # Ditwa Cyclone News #Breaking News inhindi #Hindi News #India news #Latest news #PM Modi news #Pmmodi news #Sri Lanka news

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.