भारत इन दिनों अलग-अलग मामलों में अमेरिका (America) द्वारा लगाई गई कड़ी पाबंदियों से एक साथ जूझ रहा है। जिसमें सबसे पहले रूस से कच्चे तेल खरीद पर लगाया गया 50 फीसदी टैरिफ (25 फीसदी जुर्माने के साथ), फिर ईरान के चाबहार बंदरगाह के विकास कार्य पर लगाई गई रोक, एक लाख डॉलर की एच1बी वीजा की फीस बढ़ोतरी और हाल ही में भारत की ब्रांडेड (Branded) और पेटेंट दवाओं पर लगाया गया 100 फीसदी टैरिफ मुख्य हैं।
“जयशंकर का करारा जवाब”
विषयों की गंभीरता इतनी है कि शनिवार को भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर (S Jaishankar) ने अमेरिका का नाम लिए बिना उसे करारा जवाब दिया। उन्होंने न्यूयॉर्क में ब्राजील, रूस, भारत और दक्षिण-अफ्रीका जैसे देशों के समूह ‘ब्रिक्स’ के विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करते हुए कहा कि ऐसे दौर में जब टैरिफ अस्थिरता, संरक्षणवाद और गैर-टैरिफ बाधाएं व्यापार प्रवाह को प्रभावित करती हैं, तब ब्रिक्स को बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली की रक्षा करनी चाहिए।
“ब्रिक्स बैठक में साझा किए गए महत्वपूर्ण मुद्दे”
विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया कि बैठक में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के बड़े मुद्दों पर विचार साझा किए। इसमें यूएन के एजेंडे के तहत राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक, वित्तीय और सतत विकास जैसे विषय शामिल थे। बैठक में समूह देशों ने अपने तीन आधार स्तंभों के तहत विस्तारित ब्रिक्स के सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। ब्रिक्स देश अपनी आम-जनता की भलाई के लिए सामरिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक रूप से तैयार हैं।
“अमेरिका में पहली बार ब्रिक्स बैठक”
यह पहला मौका था जब अमेरिका में ब्रिक्स की बैठक हुई। एस. जयशंकर ने कहा कि जब बहुपक्षवाद दबाव में होता है, तो ब्रिक्स रचनात्मक परिवर्तन की मजबूत आवाज के रूप में खड़ा होता है। अशांत दुनिया में समूह को शांति स्थापना, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन के संदेश को सुदृढ़ करना चाहिए।
“संयुक्त राष्ट्र में सुधार की अपील”
जयशंकर ने कहा कि सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख अंगों, जैसे सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में व्यापक सुधार के लिए एकजुट होकर अपने सामूहिक आह्वान को बढ़ाना चाहिए।
“अमेरिका ने लगाए टैरिफ”
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और ब्राजील पर 50 फीसदी, जबकि चीन और दक्षिण अफ्रीका पर 30 फीसदी टैरिफ लगाया है। यूक्रेन युद्ध के कारण रूस पर अमेरिकी पाबंदियां पहले से ही लागू हैं। ट्रंप ब्रिक्स को अमेरिका के सबसे बड़े विरोधी के रूप में देखते हैं और उनका कहना है कि समूह देशों की मिलीभगत से अमेरिकी हितों पर आंच आती है।
जयशंकर कौन हैं?
“Jai Shankar” से आपका तात्पर्य सुब्रह्मण्यम जयशंकर से है, जो भारत के एक प्रमुख राजनीतिज्ञ और वर्तमान विदेश मंत्री हैं. वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य हैं और उन्होंने पहले भारत के विदेश सचिव के रूप में कार्य किया है.
एस. जयशंकर का जन्म कहाँ हुआ था?
जयशंकर (जन्म 9 जनवरी, 1955, नई दिल्ली, भारत) एक भारतीय राजनीतिज्ञ और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य हैं, जिन्हें 2019 में भारत का विदेश मंत्री नियुक्त किया गया था।
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