India के बहाने रूस पर निशाना: जेडी वेंस ने खोला ट्रंप के टैरिफ प्लान का राज

By digital | Updated: August 25, 2025 • 12:48 PM

नई दिल्ली: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने हाल ही में एक सनसनीखेज खुलासा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि भारत पर लगाए गए ट्रंप (Trump) प्रशासन के भारी-भरकम टैरिफ का असली निशाना रूस है।

वेंस ने 24 अगस्त, 2025 को एनबीसी न्यूज के ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ, जिसमें रूस से तेल खरीदने के लिए 25% अतिरिक्त शुल्क शामिल है, “आक्रामक आर्थिक दबाव” के तहत लगाया है। इसका मकसद रूस की तेल अर्थव्यवस्था को कमजोर कर यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए मॉस्को पर दबाव बनाना है। इस बयान ने भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव को और बढ़ा दिया है।

टैरिफ की रणनीति और रूस पर निशाना

वेंस ने साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि भारत पर लगाए गए टैरिफ का उद्देश्य रूस को उसकी तेल आय से वंचित करना है। उन्होंने कहा, “ट्रंप ने भारत पर माध्यमिक टैरिफ लगाकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि रूस अपनी तेल अर्थव्यवस्था से समृद्ध न हो सके।” वेंस ने दावा किया कि इस रणनीति के चलते रूस ने यूक्रेन युद्ध में पहली बार “महत्वपूर्ण रियायतें” दी हैं। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि भारत का रूस से सस्ता तेल खरीदना मॉस्को की युद्ध मशीन को अप्रत्यक्ष रूप से फंडिंग देता है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया।

वेंस ने बीते गुरुवार की रात पश्चिमी यूक्रेन में रूसी मिसाइल हमले की भी आलोचना की, जिसमें अमेरिका स्थित एक कंपनी के स्वामित्व वाली इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री को निशाना बनाया गया. इंटरव्यू की मॉडरेटर क्रिस्टन वेलकर द्वारा पूछे जाने पर कि क्या वह हमले से "क्रोधित" थे, वेंस ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की आलोचना की ओर इशारा किया.

भारत की प्रतिक्रिया और तनाव

भारत ने इन टैरिफ को “अनुचित और अन्यायपूर्ण” करार देते हुए कड़ा विरोध जताया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 23 अगस्त, 2025 को नई दिल्ली में कहा, “यह हास्यास्पद है कि एक कारोबार समर्थक प्रशासन हमें कारोबार करने के लिए दोषी ठहरा रहा है। अगर आपको भारत से तेल या रिफाइंड उत्पाद खरीदने में समस्या है, तो न खरीदें।” जयशंकर ने यह भी रेखांकित किया कि रूस से तेल खरीदना भारत के राष्ट्रीय हित और बाजार की गतिशीलता पर आधारित है। उन्होंने सवाल उठाया कि चीन, जो रूस का सबसे बड़ा तेल आयातक है, पर ऐसी आलोचना क्यों नहीं हो रही।

सोशल मीडिया पर बहस

इस मुद्दे ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। एक एक्स यूजर ने लिखा, “ट्रंप भारत को निशाना बनाकर रूस पर दबाव डालना चाहते हैं, लेकिन यह भारत के साथ अन्याय है।” वहीं, कुछ यूजर्स ने वेंस के बयान का समर्थन करते हुए कहा, “रूस को रोकने के लिए यह जरूरी है।” यह विवाद भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में खटास ला सकता है, खासकर तब जब भारत ने रूस के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने का संकल्प लिया है।

जेडी वेंस का बयान दर्शाता है कि ट्रंप प्रशासन की नीति भारत को एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर रूस पर आर्थिक दबाव बनाने की है। यह कदम न केवल भारत-अमेरिका संबंधों को प्रभावित कर सकता है, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और कूटनीति पर भी असर डाल सकता है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। अब सवाल यह है कि क्या यह टैरिफ रूस को यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए मजबूर कर पाएंगे, या यह भारत-अमेरिका के बीच तनाव को और बढ़ाएंगे।

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