Kishan Reddy : सिंगरेनी में नायनी कोल ब्लॉक से जुड़े कथित घोटाले पर केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि कोयला खनन के मामले में पहले बीआरएस सरकार ने जो किया, अब कांग्रेस सरकार भी उसी रास्ते पर चल रही है। दोनों ही दल सिंगरेनी को राजनीतिक प्रयोगशाला की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।
दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए किशन रेड्डी ने स्पष्ट किया कि सिंगरेनी में हुई अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराई जाएगी। यदि राज्य सरकार आगे आती है, तो केंद्र सरकार इस मामले पर गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि नायनी कोल ब्लॉक समेत पूरे सिंगरेनी तंत्र की व्यापक सफाई की जाएगी। मंत्रियों के बीच हिस्सेदारी को लेकर विवाद के कारण ही ये घोटाले सामने आए हैं।
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उन्होंने कहा कि सिंगरेनी कोलियरीज भारत की कोयला उत्पादन (Kishan Reddy) व्यवस्था में बेहद अहम भूमिका निभा रही है। यह सिर्फ बिजली उत्पादन ही नहीं, बल्कि देश की औद्योगिक प्रगति के लिए भी जरूरी है। किशन रेड्डी ने तेलंगाना आंदोलन के दौरान सिंगरेनी मजदूरों के योगदान को भी याद किया।
केंद्रीय मंत्री ने चिंता जताई कि तेलंगाना गठन के बाद सिंगरेनी, जो कभी मुनाफे में थी, अब आर्थिक और प्रबंधन संबंधी समस्याओं से जूझ रही है। राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण संस्था का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि सिंगरेनी में 51% हिस्सेदारी तेलंगाना सरकार की और 49% केंद्र सरकार की है, और केंद्र सरकार इसे मजबूत बनाने के लिए हरसंभव सहयोग देने को तैयार है।
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