पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया में चुनाव आयोग पर गड़बड़ियों का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
मतदाता सूची अधूरी, लाखों नाम शामिल नहीं
चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद एसआईआर की कार्रवाई पूरी नहीं हुई है और मतदाता सूची अभी भी तैयार की जा रही है। लाखों वोटरों के नाम सूची में शामिल नहीं किए गए हैं।
जनसभाओं में अपील – वोट से लें अपमान का बदला
ममता बनर्जी लगातार जनसभाओं में लोगों से अपील कर रही हैं कि चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे अपमान का जवाब वोट के जरिए दें।ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) का तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और कांग्रेस के साथ गुप्त समझौता है।
नंदलाल बोस के परिवार का नाम भी सूची से गायब
संविधान के चित्रकार नंदलाल बोस के 88 वर्षीय पोते सुप्रभद्र सेन और उनकी पत्नी का नाम भी मतदाता सूची से हटा दिया गया है, जिससे वे मतदान के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। कांग्रेस उम्मीदवार अरशद अली का नाम भी मतदाता सूची से हटाए जाने का मामला सामने आया है।
टीएमसी का आरोप – चुनिंदा वोटरों को किया जा रहा टारगेट
टीएमसी का कहना है कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए पार्टी समर्थक वोटरों के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट का रुख और चुनावी असर
सुप्रीम कोर्ट ने प्रभावित लोगों को ट्रिब्यूनल जाने का सुझाव दिया है, लेकिन कोई अंतिम समयसीमा तय नहीं की गई है। इससे कई मतदाता मतदान से वंचित हो सकते हैं।
कानून-व्यवस्था पर बढ़ता दबाव
लाखों नाम सूची से बाहर होने के कारण कई जगह विरोध की आशंका है, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है।
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महाभियोग प्रस्ताव खारिज, सियासत गरमाई
विपक्ष के 196 सांसदों द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ लाया गया महाभियोग प्रस्ताव संसद के दोनों सदनों में खारिज कर दिया गया, जिससे सियासी माहौल और गरमा गया है।
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