Mahashivaratri 2026 : महाशिवरात्रि विशेष पूजा विधि और शुभ समय जानिए

By Sai Kiran | Updated: February 15, 2026 • 9:19 AM

Mahashivaratri 2026 : महाशिवरात्रि का पावन पर्व पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। मंदिरों में “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष गूंज रहे हैं और श्रद्धालु उपवास रखकर भगवान शिव की आराधना कर रहे हैं। मान्यता है कि इस पवित्र दिन शिवजी की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है।

फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व है। पुराणों के अनुसार इसी रात्रि भगवान शिव लिंग रूप में प्रकट हुए और शिव-पार्वती विवाह भी इसी दिन हुआ माना जाता है। अविवाहित महिलाएँ अच्छे वर की कामना से व्रत रखती हैं, जबकि विवाहित महिलाएँ पति की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करती हैं।

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इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद (Mahashivaratri 2026) और शक्कर से पंचामृत अभिषेक किया जाता है। बेलपत्र, धतूरा, सफेद पुष्प अर्पित कर दीप और धूप जलाए जाते हैं। “ॐ नमः शिवाय” तथा महामृत्युंजय मंत्र का जाप अत्यंत शुभ माना जाता है। रात के चार प्रहरों में पूजा करने से विशेष पुण्य फल मिलता है और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।

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