आरजेडी के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री मंगनी लाल मंडल ने प्रदेश अध्यक्ष के लिए नामांकन कर दिया। पार्टी के वे सातवें प्रदेश अध्यक्ष होंगे। 19 जून को इनके निर्वाचन की विधिवत घोषणा होगी।
राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मंगनी लाल मंडल ने प्रदेश अध्यक्ष के लिए नामांकन कर दिया। पार्टी के वे सातवें प्रदेश अध्यक्ष होंगे। 19 जून को ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में इनके निर्वाचन की विधिवत घोषणा होगी। प्रदेश राजद अध्यक्ष पद के लिए नामांकन के बाद मंगनी लालन ने कहा कि मैंने आज प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया है। हमें बड़ी जिम्मेदारी मिली है। यह मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
लालू यादव, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को आभार प्रकट किया
उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू यादव, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को आभार प्रकट किया। कहा कि यह मेरे लिए बड़ी चुनौती है और मैं इस चुनौती को पूरा करने के लिए चुनावी वर्ष में पूरी ताकत झोंक दूंगा।
हमारे पिता के साथ कई वर्षों तक काम किया है : तेजस्वी यादव
वहीं मंगनी लाल मंडल के प्रदेश राजद अध्यक्ष पद के नामांकन के मौके पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि मंगनी लाल हमारे पिता लालू प्रसाद के साथ लंबे समय तक काम किया। हम सभी को खुशी है कि आज मंगनी लाल मंडल ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया है। मंगनी लाल मंडल समाजवादी विचारधारा को मानने वाले कर्पूरी ठाकुर के करीबी और सहयोगी हैं। सामाजिक राजनीति को बढ़ाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हमारे पिता के साथ कई वर्षों तक काम किया है।
उन्होंने कहा कि, हमारी पार्टी जनता की बात करती है। सबको लेकर आगे चलती है। उन्होंने नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जनता बदलाव चाहती है। ये सरकार हर मोर्चे पर फेल हो चुकी है। नीति आयोग की रिपोर्ट से यह पता चलता है। रिटायर्ड अधिकारी सरकार चला रहे हैं।
आपको बता दें पार्टी के पहले प्रदेश अध्यक्ष कमल पासवान बने थे। वो 24 दिनों तक इस पद पर रह सके। उनका कार्यकाल 5 जुलाई 1997 से 29 जुलाई 1997 तक रहा। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष के पद के लिए उदय नारायण चौधरी को चुना गया।
उनका कार्यकाल 30 जुलाई 1997 से 17 अप्रैल 1998 तक रहा। इसके बाद पीताम्बर पासवान राजद के तीसरे प्रदेश अध्यक्ष बनाये गए। उनका कार्यकाल 18 अप्रैल 1998 से 29 सितंबर 2003 तक रहा। इनके बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी अब्दुलबारी सिद्दीकी को दी गई। उन्होंने 30 सितंबर 2003 को पद संभाला और इस पद पर 4 दिसंबर 2010 तक रहे।
Read more :Plane crash : आग से विमान के लोहे गल गए, भगवद गीता को खरोंच भी नहीं