Himachal में मानसून की तबाही: 250 सड़कें बंद, IMD का रेड अलर्ट

By Vinay | Updated: July 18, 2025 • 3:59 PM

शिमला, 18 जुलाई 2025: हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में मानसून का कहर जारी है, जिसने पूरे राज्य में भारी तबाही मचाई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 21 से 23 जुलाई तक नौ जिलों—मंडी, कांगड़ा, चंबा, कुल्लू, शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर और हमीरपुर—में भारी से अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।

17 और 18 जुलाई के लिए येलो अलर्ट लागू है, जिसमें मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। भूस्खलन और बाढ़ के खतरे को देखते हुए लोगों से नदी-नालों से दूर रहने और यात्रा सीमित करने की सलाह दी गई है।

भारी में गयी 112 की जान

20 जून से शुरू हुए मानसून ने अब तक 112 लोगों की जान ले ली है, जिसमें 36 सड़क हादसों में मरे। मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 30 जून को बादल फटने की 12 घटनाओं ने भारी नुकसान किया। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, 250 सड़कें बंद हैं, जिनमें मंडी में 151 और सिरमौर में 43 सड़कें शामिल हैं।

पांवटा साहिब-शिलाई नेशनल हाईवे (NH-707) भी अवरुद्ध है। इसके अलावा, 52 बिजली ट्रांसफार्मर और 137 पेयजल योजनाएं ठप हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

बादल फटने की 22 और भूस्खलन की 19 घटनाएं

विभाग ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में इस मानसून में 31 बार अचानक बाढ़ आई, बादल फटने की 22 और भूस्खलन की 19 घटनाएं हुईं और राज्य को 1,220 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। 

मुख्यमंत्री ने दिए स्कूल बंद करने के निर्देश

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंडी, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में स्कूल बंद करने के निर्देश दिए हैं। पंडोह डैम से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से पंडोह बाजार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मंडी की ज्यूनी खड्ड खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके चलते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है

राज्य में अब तक 1,220 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है, जिसमें 380 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त और 627 आंशिक रूप से नष्ट हुए हैं। 185 दुकानें, 785 पशुशालाएं और 21,500 पोल्ट्री पक्षी भी इस आपदा की भेंट चढ़े। प्रशासन और BRO सड़कों को खोलने में जुटे हैं, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में बढ़ा डाल रही है

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हिमाचल प्रदेश में औसत मौसम कैसा है?

जलवायु: औसत वर्षा: व्यापक भिन्नता, जुलाई से मध्य सितंबर तक भारी बारिश । तापमान सीमा: निचले ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान 20°C से 35°C तक रहता है, जबकि अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान 10°C से 25°C के बीच रहता है।


हिमाचल प्रदेश का सबसे गर्म जिला कौन सा है?

ऊना सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. इसके बाद हमीरपुर के नेरी में तापमान 43.3 डिग्री, बिलासपुर में 40.8 डिग्री, जबकि कांगड़ा और मंडी में 40 डिग्री सेल्सियस तक पारा चढ़ गया.

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