Delhi- एमपीएटीजीएम सफल, राजनाथ बोले- आत्मनिर्भर भारत की बड़ी छलांग

By Anuj Kumar | Updated: January 13, 2026 • 1:20 AM

नई दिल्ली,। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उच्च आक्रमण क्षमता वाली तीसरी पीढ़ी की फायर एंड फॉरगेट मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) के सफल परीक्षण के बाद रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), उसके भागीदारों और रक्षा उद्योग को बधाई दी और इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

डीआरडीओ ने किया एमपीएटीजीएम का सफल परीक्षण

सोमवार को रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल) द्वारा तीसरी पीढ़ी की फायर एंड फॉरगेट मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एमपीएटीजीएम) का गतिशील लक्ष्य पर सफल परीक्षण किया गया।

11 जनवरी को केके रेंज में हुआ परीक्षण

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 11 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के अहिल्या नगर स्थित केके रेंज में डीआरडीओ की हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला द्वारा इस मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया।

फायर एंड फॉरगेट तकनीक से लैस एमपीएटीजीएम

यह तीसरी पीढ़ी की मिसाइल अत्याधुनिक फायर एंड फॉरगेट तकनीक से लैस है और इसमें उच्च आक्रमण क्षमता मौजूद है।

स्वदेशी तकनीकों से तैयार अत्याधुनिक मिसाइल

स्वदेशी रूप से विकसित एमपीएटीजीएम में इमेजिंग इंफ्रारेड (आईआईआर) होमिंग सीकर, ऑल-इलेक्ट्रिक कंट्रोल एक्चुएशन सिस्टम, फायर कंट्रोल सिस्टम, टैंडम वारहेड, प्रणोदन प्रणाली और उच्च प्रदर्शन लक्ष्य प्रणाली जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल हैं।

डीआरडीओ की कई प्रयोगशालाओं का योगदान

इन तकनीकों को डीआरडीओ की सहयोगी प्रयोगशालाओं—अनुसंधान केंद्र इमारत (हैदराबाद), टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (चंडीगढ़), हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी (पुणे) और इंस्ट्रूमेंट्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (देहरादून) द्वारा विकसित किया गया है।

जोधपुर लैब ने विकसित किया थर्मल टारगेट सिस्टम

थर्मल टारगेट सिस्टम को जोधपुर स्थित रक्षा प्रयोगशाला द्वारा लक्ष्य टैंक का अनुकरण करने के लिए विकसित किया गया है। आईआईआर सीकर दिन और रात दोनों समय युद्ध संचालन क्षमता से लैस है, जबकि इसका वारहेड आधुनिक मुख्य युद्धक टैंकों को नष्ट करने में सक्षम है।

Read Also : PM-शौर्य यात्रा में पीएम मोदी का सांस्कृतिक संदेश, डमरू बजाकर किया अभिवादन

बीडीएल और बीईएल हैं उत्पादन भागीदार

भारत डायनेमिक्स लिमिटेड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड इस हथियार प्रणाली के विकास-सह-उत्पादन भागीदार हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, इस मिसाइल को ट्राइपॉड या सैन्य वाहन लॉन्चर के माध्यम से दागा जा सकता है ।

Read More :

# Mpatgm News #Breaking News in hidni #Chandigarh news #Drdo news #Fire and Target News #Hindi News #Hyderabad News #Latest news #Pune news