National : सुकमा में डेढ़ दर्जन माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

By digital | Updated: May 28, 2025 • 10:06 AM

उग्रवाद छोड़ने का किया है फैसला

रायपुर। बटालियन नंबर 1 से जुड़े चार माओवादियों सहित 18 माओवादियों ने छत्तीसगढ़ के सुकमा में ‘नियाद नेल्लनार’ योजना के प्रभाव में आत्मसमर्पण कर दिया। सुकमा एसपी किरण जी चव्हाण के अनुसार, दक्षिण बस्तर में सक्रिय नक्सलियों सहित चार अलग-अलग बटालियनों के नक्सलियों ने उग्रवाद छोड़ने का फैसला किया है।

आत्मसमर्पण के बाद क्या बोले माओवादी

उन्होंने दूसरों से भी ऐसा ही करने का आग्रह किया, उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आत्मसमर्पण करने वाले व्यक्तियों को पुनर्वास के उद्देश्य से राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ मिलेगा। अधिकारी ने कहा कि 1.5 करोड़ रुपये के इनाम वाले खूंखार माओवादी बसवराजू के खात्मे के बाद, और भी माओवादियों के आत्मसमर्पण करने की उम्मीद है।

आत्मसमर्पण ‘लोन वर्राटू’ अभियान का परिणाम

यह आत्मसमर्पण सरकार द्वारा शुरू किए गए और सुरक्षा बलों द्वारा सक्रिय रूप से प्रचारित ‘लोन वर्राटू’ अभियान का परिणाम है। लोन वर्राटू का मतलब है अपनी जड़ों की ओर लौटना। अधिकारी माओवादियों, खासकर युवाओं से हथियार डालने और विकास की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए बात करते हैं। सरकार ने वित्तीय सहायता और कौशल विकास प्रशिक्षण सहित पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया है।

माओवादियों के खिलाफ अभियान जारी

तेलंगाना के कोत्तागुडेम में माओवादियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। विगत दिनों दर्जनों माओवादियों का मार गिराया गया। इसके बाद बिना परिजनों को बताए उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है। आरोप है कि परिजनों को शव सौंप देना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किया गया और किसी सुनसान अज्ञात स्थान पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं पीएम मोदी और गृह मंत्री ने प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान की प्रशंसा भी की थी। वहीं माओवादियों के खिलाफ हुई कार्रवाई से स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली है। प्रशासन का कहना है कि ऐसे ही अभियान जारी रहेंगे। यही वजह है कि माओवादी भी आत्मसमर्पण कर रहे हैं।

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