नई दिल्ली। नए साल की शुरुआत में भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। रेलवे ने वर्ष 2026 के लिए नया टाइम टेबल जारी करते हुए 122 नई ट्रेनों की घोषणा की है। इसके साथ ही सैकड़ों ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई गई है, जिससे यात्रियों का सफर पहले से ज्यादा तेज और सुविधाजनक हो सकेगा।
2026 का नया टाइम टेबल लागू
भारतीय रेलवे द्वारा जारी नए टाइम टेबल (New Time table) के अनुसार, इस साल 569 ट्रेनों की गति पहले की तुलना में बढ़ा दी गई है। इससे न केवल यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि ट्रेनों की समयपालन क्षमता भी बेहतर होगी।
122 नई ट्रेनों की शुरुआत
रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए इस साल 122 नई ट्रेनें शुरू करने का फैसला किया है। इन ट्रेनों में यात्रियों के कंफर्ट, सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं पर खास ध्यान दिया गया है।
वंदे भारत और अमृत ट्रेनों पर फोकस
रेलवे 2026 में 28 नई वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत करेगा, जिससे सेमी-हाई-स्पीड कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, यात्रियों को बेहतर और किफायती सफर उपलब्ध कराने के लिए 26 अमृत ट्रेनों को भी पटरी पर उतारा जाएगा।
मेल-एक्सप्रेस और प्रीमियम ट्रेनों की भी सौगात
इस साल 60 नई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें भी शुरू की जा रही हैं। इनमें 2 राजधानी, 2 जन शताब्दी, 2 हमसफर और 2 नमो भारत रैपिड रेल (India Rapid Train) शामिल हैं, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
सैकड़ों ट्रेनों की बढ़ी रफ्तार
रेलवे ने देशभर में 569 ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई है। कई ट्रेनों को सुपरफास्ट का दर्जा भी दिया गया है, जिससे प्रमुख रूटों पर यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
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आपके जोन में क्या बदला?
पूर्व मध्य रेलवे – इस जोन में सबसे ज्यादा 20 नई ट्रेनें शुरू की गई हैं, साथ ही 20 ट्रेनों का विस्तार भी किया गया है।
उत्तर रेलवे – उत्तर रेलवे को 20 नई ट्रेनों की सौगात मिली है, जिससे उत्तर भारत की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
दक्षिण पश्चिम रेलवे – इस जोन में ट्रेनों की गति बढ़ाने का काम सबसे अधिक किया गया है। यहां 117 ट्रेनों की स्पीड बढ़ी है, जिनमें से 8 ट्रेनों को सुपरफास्ट का दर्जा मिला है।
उत्तर पश्चिम रेलवे – इस जोन की 89 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ा दी गई है।
उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे – यहां 10 नई ट्रेनों की शुरुआत की गई है, जबकि 36 ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई गई है।
भारत में कुल कितनी ट्रेनें हैं?
भारतीय रेलवे के स्वामित्व में, भारतीय रेलवे में 12147 लोकोमोटिव, 74003 यात्री कोच और 289185 वैगन हैं और 8702 यात्री ट्रेनों के साथ प्रतिदिन कुल 13523 ट्रेनें चलती हैं। भारतीय रेलवे में 300 रेलवे यार्ड, 2300 माल ढुलाई और 700 मरम्मत केंद्र हैं। यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रेलवे सेवा है।
भारत में पहली ट्रेन कब चली थी?
भारतीय रेल की स्थापना 16 अप्रैल, 1853 को हुई थी, जब भारत की पहली यात्री ट्रेन मुंबई (बोरी बंदर) से ठाणे के लिए चली, जो भारतीय रेलवे के इतिहास की शुरुआत थी और यह दिन हर साल भारतीय रेलवे दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस ऐतिहासिक यात्रा में तीन इंजन (साहिब, सुल्तान, सिंध) और 14 डिब्बे थे और इसने लगभग 34 किलोमीटर का सफर तय किया था।
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