Operation Kagar : देश में लंबे समय से चल रही नक्सल समस्या को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाया जा रहा ‘ऑपरेशन कगार’ अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक भारत को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है।
ऑपरेशन कगार का अंतिम चरण
डेडलाइन करीब आने के साथ ही बस्तर और अबूझमाड़ के जंगलों में सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन तेज कर दिया है। एक समय 100 से ज्यादा जिलों में फैला नक्सल प्रभाव अब केवल 3-4 जिलों तक सीमित रह गया है।
2024 से अब तक 530 से ज्यादा नक्सली मारे गए हैं, 2,000 से ज्यादा गिरफ्तार हुए हैं और 2,700 से अधिक ने सरेंडर किया है। कई बड़े एनकाउंटर इस अभियान में टर्निंग पॉइंट साबित हुए हैं।
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अब कितने नक्सली बचे हैं?
ताजा रिपोर्ट के अनुसार देशभर में अब 350 से कम नक्सली (Operation Kagar) सक्रिय हैं। बस्तर क्षेत्र में 100-150 के बीच ही सशस्त्र कैडर बचे हैं।
ओडिशा में 15 से कम, तेलंगाना में करीब 17 और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में 10 से भी कम नक्सली सक्रिय हैं। पहले मजबूत रही केंद्रीय कमेटी अब केवल 5-6 सदस्यों तक सिमट गई है।
क्या खत्म हो जाएगा नक्सलवाद?
सरकार ने बचे हुए नक्सलियों को सरेंडर करने की चेतावनी दी है। अबूझमाड़ जैसे इलाकों में सड़क निर्माण और पुलिस कैंप बढ़ने से उनकी गतिविधियां सीमित हो गई हैं।
इन हालातों को देखते हुए माना जा रहा है कि नक्सलवाद अब खत्म होने के कगार पर है और आने वाले समय में इसका पूरी तरह अंत संभव है।
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