पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) को शुक्रवार को बड़ी कानूनी राहत मिली। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज तीनों मामलों में जमानत मंजूर कर ली। इसके बाद शाम करीब 6 बजे वे पटना के बेऊर जेल से बाहर आए। कोर्ट ने जमानत देते हुए शर्त रखी है कि हर सुनवाई में उन्हें सशरीर उपस्थित रहना होगा।
जेल से बाहर आते ही फुलवारीशरीफ रवाना
रिहा होते ही पप्पू यादव सीधे फुलवारीशरीफ (PhulwariShariff) के लिए रवाना हो गए। यहां एक कोचिंग संस्थान की छत से गिरकर एक छात्रा की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि छात्रा के साथ दरिंदगी के बाद उसकी हत्या की गई। पप्पू यादव छात्रा के परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा देंगे।
“सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ रही”
जेल से बाहर आने के बाद पप्पू यादव ने भावुक बयान देते हुए कहा, मुझे नहीं पता था कि सच बोलना इतना तकलीफदेह होगा। कोर्ट और थानों के चक्कर काटने पड़ेंगे, ये भी नहीं सोचा था।”
साजिश का आरोप, प्रशासन पर उठाए सवाल
रिहाई के बाद पप्पू यादव ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं की साजिश के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। साथ ही उन्होंने खेमका हत्याकांड को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि इस मामले में “गलत बच्चे का एनकाउंटर” (Encounter) किया गया है।उन्होंने साफ कहा, हम हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।”
NEET छात्रा की लड़ाई जारी रखने का ऐलान
NEET छात्रा मामले को लेकर भी पप्पू यादव ने दो टूक कहा कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा,
“इस बच्ची की लड़ाई मैं रुकने नहीं दूंगा। मुझे मरवाने की भी कोशिश हुई है।”
31 साल पुराने केस से शुरू हुई गिरफ्तारी
6 फरवरी को पुलिस ने पप्पू यादव को 31 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार किया था। पहले उस केस में उन्हें जमानत मिल गई, लेकिन इसके तुरंत बाद कोतवाली थाना क्षेत्र के दो और पुराने मामलों—एक 2017 और दूसरा 2019—को जोड़ दिया गया। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें फिर से जेल भेज दिया था।
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कई दिनों बाद मिली राहत, सियासी हलचल तेज
9 फरवरी से पटना सिविल कोर्ट में लगातार जमानत पर सुनवाई चल रही थी। हर तारीख पर लंबी बहस हुई, लेकिन राहत नहीं मिल रही थी। आखिरकार शुक्रवार को कोर्ट ने तीनों मामलों में जमानत दे दी। पप्पू यादव की रिहाई के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
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