नई दिल्ली,। प्रधानमंत्री (Narendra Modi) बदलते वैश्विक हालात और नई भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच छह दिनों की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर रवाना होंगे। इस दौरान वह (United Arab Emirates), Netherlands, Sweden, (Norway) और Italy का दौरा करेंगे। इस यात्रा को भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका, आर्थिक प्रभाव और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।
यूएई से शुरू होगा दौरा
प्रधानमंत्री अपनी यात्रा की शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात से करेंगे। वहां उनकी मुलाकात यूएई के राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan से होगी। दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा, निवेश, व्यापार और पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों समेत कई अहम क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर रहेगा। यूएई भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदार है और वहां बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय निवास करता है।
नीदरलैंड में रक्षा और तकनीक पर फोकस
यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री 15 से 17 मई तक नीदरलैंड का दौरा करेंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात राजा Willem-Alexander, रानी Máxima और प्रधानमंत्री Rob Jetten से होगी। बैठकों में रक्षा, सुरक्षा, हरित हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, जल प्रबंधन और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।
स्वीडन में उभरती तकनीकों पर होगी बातचीत
प्रधानमंत्री 17 से 18 मई तक स्वीडन की यात्रा करेंगे। यहां उनकी द्विपक्षीय वार्ता स्वीडन के प्रधानमंत्री Ulf Kristersson के साथ होगी। दोनों देशों के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप, अंतरिक्ष, रक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर सहयोग को विस्तार देने पर बातचीत होगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen के साथ यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री को भी संबोधित करेंगे।
नॉर्वे में होगा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन
प्रधानमंत्री 18 से 19 मई तक नॉर्वे में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात नॉर्वे के राजा Harald V, रानी Sonja of Norway और प्रधानमंत्री Jonas Gahr Støre से होगी। 1983 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली नॉर्वे यात्रा होगी। इस दौरान स्वच्छ ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी, समुद्री अर्थव्यवस्था और व्यापारिक सहयोग पर विशेष जोर रहेगा।
इटली में रणनीतिक साझेदारी पर जोर
यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 19 से 20 मई तक इटली का दौरा करेंगे। यहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति Sergio Mattarella और प्रधानमंत्री Giorgia Meloni से होगी। भारत और इटली के बीच रणनीतिक, आर्थिक और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से इस दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत की मजबूत होती कूटनीतिक स्थिति और वैश्विक प्रभाव को दर्शाती है। ऊर्जा, व्यापार, तकनीक, रक्षा और हरित विकास जैसे क्षेत्रों में बढ़ती साझेदारी आने वाले समय में भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत कर सकती है।
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