नई दिल्ली, 12 सितंबर 2025 – मणिपुर (Manipur) में लंबे समय से जारी अशांति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) कल, 13 सितंबर को मणिपुर राज्य का दौरा करेंगे। यह यात्रा न केवल विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास पर केंद्रित होगी, बल्कि विस्थापित लोगों से मुलाकात के जरिए शांति स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। चूराचांदपुर जिले से शुरू होने वाला यह दौरा इम्फाल के कंगला तक फैलेगा, जहां पीएम मोदी करीब 2,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को गति देंगे।
मणिपुर, जो भारत की एक्ट ईस्ट नीति का महत्वपूर्ण द्वार और दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार है, पिछले कई महीनों से जातीय हिंसा और अशांति का शिकार रहा है। इस दौरा के दौरान पीएम मोदी सबसे पहले चूराचांदपुर पहुंचेंगे, जहां वे हाल की अशांति से प्रभावित विस्थापित परिवारों से मिलेंगे। यहां वे 1,300 करोड़ रुपये कीमत वाली विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे।
ये परियोजनाएं मुख्य रूप से राहत, पुनर्वास और बुनियादी ढांचे पर केंद्रित हैं, जो राज्य की बहुलता को मजबूत करने और आर्थिक स्थिरता लाने का प्रयास करेंगी। इसके बाद इम्फाल के कंगला किले में पहुंचकर वे 1,200 करोड़ रुपये की पूर्ण हुई परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। कंगला, मणिपुर की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक, इस यात्रा का विशेष आकर्षण होगा।
मुख्य सचिव डॉ. पूनीत कुमार गोयल ने बताया कि पीएम का यह दौरा शांति, सामान्यता और तेज विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा, “संयुक्त प्रयासों से राज्य में धीरे-धीरे स्थिरता आ रही है। यह यात्रा हितधारकों के बीच एकजुटता को मजबूत करेगी।” कार्यक्रम का शेड्यूल भी जारी किया गया है: सुबह चूराचांदपुर में विस्थापितों से मुलाकात और शिलान्यास, दोपहर में कंगला में उद्घाटन, और उसके बाद पीस ग्राउंड तथा कंगला में जनसभाएं। इन सभाओं में पीएम मणिपुर की विविधता को भारत की एकता का प्रतीक बताते हुए विकास योजनाओं पर जोर देंगे।
राजनीतिक हलकों में इस यात्रा को लेकर उत्साह के साथ-साथ सतर्कता भी है। विपक्षी दलों ने अशांति के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्ताधारी बीजेपी ने इसे “शांति की नई सुबह” करार दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा न केवल आर्थिक पुनरुद्धार लाएगा, बल्कि जातीय समुदायों के बीच संवाद को बढ़ावा देगा।
मणिपुर सरकार ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, जिसमें केंद्रीय बलों की तैनाती और सतर्कता शामिल है।पीएम मोदी की यह यात्रा मणिपुर के लिए एक नया अध्याय लिख सकती है। अशांति के बादल छंटने का संकेत देते हुए, यह विकास और शांति के संदेश को मजबूत करेगी। क्या यह दौरा राज्य की समस्याओं का स्थायी समाधान बनेगा? आने वाले दिनों में इसका असर साफ दिखेगा।
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