Narendra Modi : देशभर के मुख्यमंत्रियों के साथ कल पीएम की अहम बैठक

By Surekha Bhosle | Updated: March 26, 2026 • 4:59 PM

कल होगी हाई लेवल मीटिंग, बड़े मुद्दों पर मंथन

Narendra Modi कल देश के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ एक हाई लेवल मीटिंग करने जा रहे हैं। इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।

क्षेत्र के हालात पर होगी गहन समीक्षा

बैठक का मुख्य एजेंडा मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात पर चर्चा करना है।

मिडिल ईस्ट के हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) कल राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे. बातचीत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी. इसमें चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं होंगे. बातचीत के दौरान राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों (Chief Ministers) के साथ हाई लेवल मीटिंग करेंगे. कल शाम 6.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत होगी. इस बातचीत में चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं होंगे. बातचीत के दौरान मिडिल ईस्ट के हालात पर चर्चा होगी. आचार संहिता की वजह से चुनावी राज्यों के सीएम पीएम मोदी के इस संवाद कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा करेंगे. संकट की इस घड़ी में टीम इंडिया की भावना के साथ तालमेल की यह कोशिश है. चुनाव वाले राज्यों के मुख्य सचिवों के लिए एक अलग बैठक होगी, जो कैबिनेट सचिवालय के माध्यम से आयोजित की जाएगी।

मिडिल ईस्ट के संकट को देखते हुए पीएम मोदी लगातार सक्रिय हैं और पश्चिम एशिया के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं. इस मुद्दे पर उन्होंने संसद के दोनों सदनों को भी संबोधित किया. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया के हालात इस समय बेहद चिंताजनक हैं और इस संकट को तीन सप्ताह से अधिक का समय हो गया है. उन्होंने कहा इस संकट से सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया जूझ रही है.

‘पूरी दुनिया इस समय संकट में’

इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन पर असर हो रहा है. पीएम मोदी ने बताया कि भारत के लिए यह युद्ध आर्थिक, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय, तीनों स्तरों पर अप्रत्याशित चुनौतियां लेकर आया है. कच्चे तेल और गैस की जरूरतों के साथ-साथ, खाड़ी के देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं. उनकी सुरक्षा भारत सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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पीएम ने बताया कि होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण मार्गों से आवाजाही चुनौतीपूर्ण हो गई है. इससे भारत का वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है. भारत की कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई बाधित हो सकती है. हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व सुरक्षित है. फर्टिलाइजर की सप्लाई पर भी असर पड़ रहा है।

शांति और संवाद ही एकमात्र रास्ता

मगर भारत के पास उर्वरकों का पर्याप्त भंडार है. उन्होंने कहा कि भारत की संसद से शांति की एक एकजुट और एकमत आवाज पूरी दुनिया तक जानी चाहिए. पीएम ने शांति और संवाद को ही एकमात्र रास्ता बताया. संकट के समाधान के लिए पीएम मोदी इजराइल, ईरान, अमेरिका और अन्य खाड़ी देशों के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं।

सरकार ने बुलाई थी सर्वदलीय बैठक

मिडिल ईस्ट के हालात पर सरकार ने कल यानी गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की. इस दौरान सरकार ने विपक्ष को बताया कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कोई कमी नहीं है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से चार भारतीय जहाज सुरक्षित निकले हैं. पैनिक की कोई जरूरत नहीं है. विपक्षी दल कभी भी किसी भी तरह की जानकारी के लिए आ सकते हैं।

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