नई दिल्ली,। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शुक्रवार को ‘कृषि और ग्रामीण परिवर्तन’ विषय पर बजट के बाद आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा से भरना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में कृषि और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं और वेबिनार में सामने आए सुझाव इन प्रावधानों को तेजी से जमीन पर उतारने में मदद करेंगे।
वैश्विक बाजार के अनुसार कृषि को बनाना होगा मजबूत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक बाजार (global market) तेजी से बदल रहे हैं और दुनिया में कृषि उत्पादों की मांग भी नए रूप में सामने आ रही है। ऐसे में भारतीय किसानों को ध्यान में रखते हुए खेती को अधिक से अधिक निर्यात उन्मुख बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत की विविध जलवायु परिस्थितियां और अनेक एग्रो-क्लाइमेटिक जोन देश को कृषि उत्पादन में विशेष बढ़त देते हैं, जिनका बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए।
हाई-वैल्यू एग्रीकल्चर पर बजट में विशेष जोर
उन्होंने बताया कि केंद्रीय बजट में हाई-वैल्यू एग्रीकल्चर पर विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत ऐसे कृषि उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है जिनकी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक मांग है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केरल और तमिलनाडु (Kerala and Tamilnadu) के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए इस बार नारियल उत्पादन को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इसके अलावा पूर्वोत्तर क्षेत्र की फसलों को भी बढ़ावा देने का प्रस्ताव बजट में शामिल किया गया है।
बजट योजनाओं का लाभ जल्द किसानों तक पहुंचाने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बजट के प्रावधानों का पूरा लाभ देश को मिले, इसके लिए विशेषज्ञों के अनुभव और सुझाव बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बजट में आवंटित हर रुपये का लाभ वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक जल्द से जल्द पहुंचे, इसके लिए ठोस रणनीति बनानी होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि, ग्रामीण कारीगर और श्रम आधारित गतिविधियां भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि कृषि भारत की दीर्घकालिक विकास यात्रा का एक रणनीतिक स्तंभ भी है और इसी सोच के साथ सरकार लगातार इस क्षेत्र को मजबूत करने के प्रयास कर रही है।
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किसानों के लिए सरकार की प्रमुख योजनाओं का जिक्र
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लगभग 10 करोड़ किसानों को अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है। वहीं न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में किए गए सुधारों से किसानों को लागत से डेढ़ गुना तक लाभ मिल रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत करीब 2 लाख करोड़ रुपये के दावों का निपटान किया गया है, जिससे किसानों का जोखिम कम हुआ है और उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिली है।
वेबिनार में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ भी शामिल हुए।
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