PMO- प्रधानमंत्री कार्यालय अब सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स से संचालित होगा

By Anuj Kumar | Updated: January 12, 2026 • 12:11 PM

नई दिल्ली । देश की सत्ता का केंद्र अब एक नए पते से पहचाना जाएगा। दशकों से साउथ ब्लॉक से संचालित होने वाला प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) जल्द ही सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत नवनिर्मित सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में स्थानांतरित होने जा रहा है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के शुभ अवसर पर यानी 14 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए कार्यालय में कार्यभार संभाल सकते हैं।

साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ तक का ऐतिहासिक सफर

यह बदलाव बेहद ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) के कार्यकाल से ही पीएमओ साउथ ब्लॉक की प्रतिष्ठित इमारत से संचालित होता रहा है। अब दशकों पुरानी इस परंपरा में बदलाव होने जा रहा है, जिसे भारतीय प्रशासनिक इतिहास में एक बड़े परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नया कॉम्प्लेक्स

दारा शिकोह रोड पर स्थित सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स को आधुनिक सुरक्षा मानकों और अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस परिसर का निर्माण देश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टर्बो द्वारा किया गया है, जिसे वर्ष 2022 में इस परियोजना का ठेका मिला था।

एक ही परिसर में होंगे शीर्ष प्रशासनिक संस्थान

सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में केवल प्रधानमंत्री कार्यालय ही नहीं, बल्कि कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस) की भी अलग-अलग इमारतें बनाई गई हैं। जानकारी के अनुसार, कैबिनेट सचिवालय पिछले साल सितंबर में ही इस परिसर में स्थानांतरित हो चुका है, जबकि सरदार पटेल भवन से संचालित एनएससीएस भी जल्द ही यहां शिफ्ट होगा। तीनों अहम संस्थानों का एक ही परिसर में होना प्रशासनिक समन्वय और सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नाम और पहचान बदलने की श्रृंखला का अगला कदम

नाम बदलने और प्रतीकों को नया स्वरूप देने की दिशा में यह एक और बड़ा कदम है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2016 में अपने आवास रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया था। इसके बाद राजपथ का नाम कर्तव्य पथ और केंद्रीय सचिवालय के नए परिसरों का नाम कर्तव्य भवन रखा गया।

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नए युग की ओर बढ़ती शासन व्यवस्था

अब साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ की ओर बढ़ता पीएमओ भारतीय शासन व्यवस्था में एक नए युग की शुरुआत के संकेत देता है। इसे न केवल प्रशासनिक बदलाव, बल्कि आधुनिक और केंद्रीकृत कार्यप्रणाली की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महीने की सैलरी कितनी होती है?

इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले पदाधिकारी जवाहरलाल नेहरू थे जबकि भारत के वर्तमान (सन् २०२२) प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी हैं, जिन्हें 26 मई 2014 को इस पद पर नियुक्त किया गया था।

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