Rahul Gandhi: राहुल गांधी का भाजपा पर प्रहार

Read Time:  1 min
Rahul gandhi news
Rahul gandhi news
FONT SIZE
GET APP

‘देश को कुछ कारोबारियों के हाथों में सौंपने की हो रही साजिश’

तिरुवनंतपुरम: राहुल गांधी(Rahul Gandhi) ने केरल के कोच्चि में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आरएसएस (RSS) और भाजपा (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष चाहता है कि देश की जनता चुप रहे और सवाल न पूछे, ताकि वे देश के संसाधनों को कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों के हवाले कर सकें। राहुल ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐसा कभी नहीं होने देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान बचाने का असली अर्थ सत्ता की शक्ति को मुट्ठी भर लोगों से छीनकर पंचायत, जिला और राज्य स्तर तक आम जनता के हाथों में पहुँचाना है

बेरोजगारी और भविष्य का रोडमैप

केरल की स्थानीय राजनीति और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए राहुल गांधी ने बेरोजगारी को राज्य की सबसे बड़ी समस्या बताया। उन्होंने आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों में यूडीएफ (UDF) की जीत का भरोसा(Rahul Gandhi) जताते हुए कहा कि केवल चुनाव जीतना ही काफी नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार देने के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का नेतृत्व केरल की जनता की जरूरतों को गहराई से समझता है और उसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

अन्य पढ़े: बीजेपी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन? कल शपथ!

मौन की संस्कृति के विरुद्ध वैचारिक संघर्ष

साहित्य पुरस्कार समारोह के दौरान राहुल ने “मौन की संस्कृति” पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि जिस देश में लोग चुप रहते हैं, वह कभी महान नहीं बन सकता। उनके अनुसार, चुप रहने की प्रवृत्ति के पीछे अक्सर लालच छिपा होता है। राहुल(Rahul Gandhi) ने पूर्व में दिए अपने बयानों का हवाला देते हुए यह भी दोहराया कि संवैधानिक संस्थानों पर हमले हो रहे हैं और जो लोग मौजूदा विचारधारा से सहमत नहीं हैं, उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।

राहुल के अनुसार संविधान को बचाने का वास्तविक अर्थ क्या है?

राहुल गांधी(Rahul Gandhi) के अनुसार, संविधान को बचाने का अर्थ केवल कागजी रक्षा नहीं, बल्कि सत्ता और निर्णय लेने के अधिकार को विकेंद्रीकृत करना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंचायत और स्थानीय निकायों को मजबूत करके शासन की शक्ति को सीधे लोगों तक पहुँचाने में विश्वास रखती है, जबकि भाजपा सत्ता का केंद्रीकरण चाहती है।

उन्होंने ‘मौन की संस्कृति’ के बारे में क्या चेतावनी दी?

उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्र महान तभी बनता है जब वहां के लोग अपने विचार खुलकर व्यक्त करें और संघर्ष करें। उन्होंने चेतावनी दी कि चुप रहने की संस्कृति में लालच की भावना छिपी होती है और यदि लोग अपनी आवाज नहीं उठाएंगे, तो लोकतंत्र और देश की महानता खतरे में पड़ जाएगी।

अन्य पढ़े:

Dhanarekha

लेखक परिचय

Dhanarekha

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।