Rakshabandhan: कहीं आप भी तो नहीं बांध रहीं गलत समय पर राखी ?

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रक्षाबंधन (Rakshabandhan), भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक, भारत में हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को धूमधाम से मनाया जाता है। वर्ष 2025 में यह पर्व 9 अगस्त, शनिवार को मनाया जाएगा। ज्योतिषियों के अनुसार, इस बार रक्षाबंधन का विशेष महत्व है, क्योंकि 95 से 297 वर्षों बाद दुर्लभ ग्रह संयोग बन रहे हैं, जो इस दिन को और भी शुभ बना रहे हैं

ज्योतिषाचार्य पं. हेमन्त रिछारिया के अनुसार, 9 अगस्त को भद्रा और पंचक का प्रभाव नहीं होगा, जो राखी बांधने के लिए शुभ है। पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे शुरू होकर 9 अगस्त को दोपहर 1:24 बजे समाप्त होगी। राखी बांधने का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 5:47 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक है। इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:17 से 12:53 तक रहेगा, जो विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

इस दिन सर्वार्थ सिद्धि, सौभाग्य, और आयुष्मान जैसे शुभ योग बन रहे हैं, जो पारिवारिक समृद्धि और सौहार्द को बढ़ाएंगे। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, मंगल ग्रह की विशेष दृष्टि इस पर्व को साहस और ऊर्जा से भरपूर बनाएगी। ग्रहों की स्थिति में सूर्य कर्क, चंद्रमा मकर, और मंगल कन्या राशि में रहेंगे, जो रिश्तों में मजबूती और सकारात्मकता लाएंगे।

बहनें इस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और समृद्धि की कामना करेंगी, जबकि भाई अपनी बहनों की रक्षा का वचन देंगे। यह पर्व न केवल भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करता है, बल्कि सामाजिक एकता और प्रेम को भी बढ़ावा देता है।

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