Waqf Bill:लोकसभा में कल पेश हो सकता है वक्फ विधेयक; रिजिजू

Read Time:  1 min
रिजिजू
रिजिजू
FONT SIZE
GET APP

रिजिजू ने कहा कि विधेयक पर सभी सहयोगी दल, केरल के बिशप सहित कई मुस्लिम संगठन सरकार के साथ हैं

 रिजिजू ने कहा कि विधेयक पर सभी सहयोगी दल, केरल के बिशप सहित कई मुस्लिम संगठन सरकार के साथ हैं। ऐसे में आवश्यक हुआ, तो विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार सत्र का विस्तार भी करेगी।

कुछ दलों और संगठनों पर मुस्लिमों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार की मंशा संसद के इसी सत्र में वक्फ संशोधन विधेयक पारित कराने की है। रिजिजू ने कहा कि विधेयक पर सभी सहयोगी दल, केरल के बिशप सहित कई मुस्लिम संगठन सरकार के साथ हैं। ऐसे में आवश्यक हुआ, तो विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार सत्र का विस्तार भी करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि विधेयक लोकसभा में बुधवार को पेश किया जा सकता है।

रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विधेयक को लाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसका उद्देश्य वक्फ की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना और जवाबदेह बनाना है। इसका लाभ गरीब मुसलमानों, महिलाओं व बच्चों के लिए सुनिश्चित करना है। विधेयक को असांविधानिक बताने पर एतराज जताते हुए कहा कि देश संविधान से चलता है।

वक्फ संपत्ति कब्जाने वाले ही हैं परेशान

रिजिजू ने कहा, ‘सरकार को पता है कि विधेयक से कौन परेशान है। वो परेशान हैं, जिन्होंने वक्फ की करोड़ों की संपत्ति दशकों से कब्जा कर रखी है। इसमें राजनीति करने वाले मुस्लिम संगठन और एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी जैसे लोग हैं। इन्हें पता है कि विधेयक पारित होने के बाद इनकी कलई खुल जाएगी। यही कारण है कि इन लोगों ने भोले भाले मुसलमानों को पहले सीएए पर उकसाया और अब इस विधेयक के विरोध में इन्हें गुमराह कर रहे हैं।’

‘प्रस्तावित संशोधन पर निष्पक्ष नजरिया रखते हुए साथ दें सांसद’

इस बीच मौजूदा वक्फ अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन का ईसाई व सूफी संगठनों ने समर्थन किया है। मौजूदा अधिनियम के कुछ प्रावधानों को अनुचित और असांविधानिक बताते हुए इन संगठनों ने राजनीतिक दलों व सांसदों से संशोधन विधेयक पर निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाने और समर्थन करने का आग्रह किया है।

कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) ने सोमवार को बयान जारी कर कहा, ‘वास्तविकता यह है कि मौजूदा केंद्रीय वक्फ अधिनियम के कुछ प्रावधान संविधान और देश के धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं।’ सांसदों से मोदी सरकार के प्रस्तावित संशोधन का समर्थन करने का आग्रह करते हुए सीबीसीआई ने कहा, ‘केरल में, वक्फ बोर्ड ने मुनंबम क्षेत्र में 600 से अधिक परिवारों की पैतृक आवासीय संपत्तियों को वक्फ भूमि घोषित करने के लिए इन प्रावधानों को लागू किया है। केवल एक कानूनी संशोधन ही स्थायी समाधान प्रदान कर सकता है, और इसे जनप्रतिनिधियों की ओर से मान्यता दी जानी चाहिए।’

digital@vaartha.com

लेखक परिचय

[email protected]

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।