Moscow- रूस में व्हाट्सएप पर बैन की तैयारी, स्वदेशी ऐप मैक्स को बढ़ावा

By Anuj Kumar | Updated: February 12, 2026 • 12:20 PM

मॉस्को। रूस की सरकार और दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप के बीच तकनीकी तनाव चरम पर पहुंच गया है। हाल ही में व्हाट्सएप (Whatsapp) ने खुलासा किया है कि रूसी अधिकारियों ने देश में उसकी सेवाओं को पूरी तरह से बाधित करने और ब्लॉक करने का प्रयास किया है।

विदेशी टेक कंपनियों पर सख्ती, स्वदेशी ऐप्स को बढ़ावा

इस कदम को रूस की नई डिजिटल नीति (Digital Niti) का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत विदेशी तकनीकी कंपनियों पर अंकुश लगाकर सरकारी और स्वदेशी ऐप्स को बढ़ावा दिया जा रहा है।रूसी सरकार अपने नए प्लेटफॉर्म मैक्स को व्हाट्सएप के विकल्प के रूप में स्थापित करना चाहती है।रूस में 10 करोड़ से ज्यादा यूजर्स पर असर

रूस में व्हाट्सएप इस्तेमाल करने वालों की संख्या करीब 100 मिलियन (10 करोड़) से अधिक है। यदि ऐप पूरी तरह ब्लॉक होता है तो इतने बड़े यूजर बेस पर सीधा असर पड़ेगा।

व्हाट्सएप का पलटवार, हर संभव तकनीकी उपाय का दावा

कंपनी ने इस प्रयास की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि वह अपने उपयोगकर्ताओं को जोड़े रखने के लिए हर संभव तकनीकी उपाय अपनाएगी।

रोसकोमनादज़ोर की कार्रवाई, ऑनलाइन डायरेक्टरी से हटाया

रूस के संचार नियामक रोसकोमनादज़ोर ने व्हाट्सएप को इंटरनेट की ऑनलाइन डायरेक्टरी (Online Directory) से हटा दिया है, जिससे आम उपयोगकर्ताओं को ऐप एक्सेस करने में भारी दिक्कतें आ रही हैं।

पूरी तरह बंद नहीं, लेकिन सेवाएं धीमी

हालांकि व्हाट्सएप अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन कई क्षेत्रों में इसकी सेवाएं बेहद धीमी या सीमित हो गई हैं।

पहले भी फेसबुक-इंस्टाग्राम पर लग चुका है प्रतिबंध

यह कार्रवाई रूस की उस दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह पहले ही फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को प्रतिबंधित कर चुका है और यूट्यूब की गति भी जानबूझकर धीमी की गई है।

डेटा साझाकरण को लेकर सख्त रुख

रूसी सरकार का कहना है कि व्हाट्सएप को देश में काम करने के लिए स्थानीय कानूनों का पालन करना होगा और डेटा साझाकरण जैसे मुद्दों पर सरकारी सहयोग करना होगा।

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मेटा के लिए चुनौती, डिजिटल संप्रभुता पर जोर

मेटा (व्हाट्सएप की मूल कंपनी) के लिए रूस की शर्तें मानना बड़ी चुनौती है। 2025 तक डेटा सुरक्षा को लेकर दी गई चेतावनियां और हालिया प्रतिबंध यह दिखाते हैं कि रूस अपनी डिजिटल संप्रभुता को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है।

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