PAK- एआई के सपने बेच रहे शहबाज शरीफ

By Anuj Kumar | Updated: February 13, 2026 • 11:56 AM

इस्लामाबाद । कंगाली, महंगाई और कर्ज के बोझ से जूझ रहे पाकिस्तान में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सपने दिखाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) ने दावा किया है कि पाकिस्तान वर्ष 2030 तक एआई सेक्टर में 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगा और देश में एक मजबूत एआई इकोसिस्टम खड़ा किया जाएगा।

एआई में 1 बिलियन डॉलर निवेश का ऐलान

9 से 15 फरवरी तक चल रहे इंडस एआई वीक 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान अब वैश्विक एआई दौड़ में शामिल होने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार 2030 तक चरणबद्ध तरीके से 1 बिलियन डॉलर का निवेश करेगी, जिससे एआई आधारित स्टार्टअप्स, रिसर्च और इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा।

युवाओं को एआई एक्सपर्ट बनाने की योजना

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को सिर्फ आईटी टेक्नीशियन नहीं, बल्कि एआई एक्सपर्ट बनाने के लिए विशेष प्रोग्राम शुरू करेगी। उनके अनुसार पाकिस्तान की करीब 60 प्रतिशत आबादी युवा है और यही देश की सबसे बड़ी ताकत है। इसी को ध्यान में रखते हुए नेशनवाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम लॉन्च किया जाएगा।

स्कूलों से लेकर पीओके तक एआई करिकुलम

शहबाज शरीफ ने ऐलान किया कि एआई करिकुलम को न केवल फेडरली कंट्रोल्ड स्कूलों में बल्कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) और बलूचिस्तान के दूर-दराज इलाकों के स्कूलों में भी लागू किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे डिजिटल डिवाइड कम होगी और पिछड़े इलाकों के छात्रों को भी आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा सकेगा।

1000 पीएचडी स्कॉलरशिप और लाखों को ट्रेनिंग

प्रधानमंत्री ने 2030 तक एआई क्षेत्र में 1,000 पूरी तरह से फंडेड पीएचडी स्कॉलरशिप देने की घोषणा की। इसके साथ ही 10 लाख नॉन-आईटी प्रोफेशनल्स को एआई स्किल्स में ट्रेन करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि उनकी उत्पादकता बढ़ सके और रोजगार के नए अवसर पैदा हों।

आईटी एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी का हवाला

शहबाज शरीफ ने अपने दावों के समर्थन में आईटी एक्सपोर्ट के आंकड़े भी गिनाए। उन्होंने कहा कि हालिया महीनों में पाकिस्तान के आईटी निर्यात में तेज बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष की पहली छमाही में आईटी एक्सपोर्ट 2.24 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जबकि दिसंबर में अकेले 437 मिलियन डॉलर का निर्यात हुआ, जो सालाना आधार पर 26 प्रतिशत अधिक है।

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कर्ज के साए में एआई का सपना

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जब पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट, कर्ज और महंगाई से जूझ रहा है, ऐसे में अरबों डॉलर के एआई निवेश के दावे जमीन पर कैसे उतरेंगे, यह बड़ा सवाल है। फिलहाल, सरकार के ये ऐलान लोगों को भविष्य के सुनहरे सपने जरूर दिखा रहे हैं, लेकिन हकीकत में इनके अमल पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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