SHASHI THAROOR: शशि थरूर की हुंकार

By Dhanarekha | Updated: December 22, 2025 • 8:24 PM

बिहार की शर्मनाक घटना के बाद ‘मैरिटल रेप’ को अपराध घोषित करने की मांग

पटना की हृदयविदारक घटना: पति ने दोस्त के साथ मिलकर किया दुष्कर्म

पटना: हाल ही में बिहार(Bihar) की राजधानी पटना से एक चौंकाने वाला मामला(SHASHI THAROOR) सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपने दोस्त के साथ मिलकर अपनी ही पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता का आरोप है कि उसका पति, जो उससे अलग रह रहा था, रात के अंधेरे में घर का ताला तोड़कर घुसा और इस जघन्य अपराध(Heinous Crime) को अंजाम दिया। इतना ही नहीं, आरोपी ने घटना का वीडियो भी बनाया और विरोध करने पर बच्चों को मारने की धमकी दी। पुलिस ने मुख्य आरोपी (पति) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका साथी अभी भी फरार है

कानूनी खामी पर प्रहार: ‘अपवाद’ का संरक्षण क्यों?

शशि थरूर(SHASHI THAROOR) ने इस घटना का जिक्र करते हुए भारतीय कानून (अब भारतीय न्याय संहिता – BNS) में मौजूद उस ‘अपवाद’ पर सवाल उठाए हैं, जो पति को अपनी पत्नी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने पर रेप के आरोप से सुरक्षा प्रदान करता है। थरूर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह मामला कानून की बड़ी विफलता को दर्शाता है। आरोपी पति ने दूसरी (अवैध) शादी कर ली थी, लेकिन तलाक न होने के कारण वह अब भी कानूनी रूप से ‘पति’ है और इसी आधार पर वह रेप की कठोर धाराओं से बचने की कोशिश कर सकता है।

अन्य पढ़े:  दिल्ली की हवा बेहद खराब, AQI 418 तक पहुंचा!…

शारीरिक स्वायत्तता की मांग: ‘ओनली यस मीन्स यस’

शशि थरूर(SHASHI THAROOR) ने हाल ही में संसद में एक निजी विधेयक पेश किया है, जिसमें वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध की श्रेणी में लाने का प्रस्ताव है। उनका तर्क है कि विवाह का अर्थ यह नहीं है कि एक महिला ने अपनी शारीरिक स्वायत्तता या सहमति देने का अधिकार हमेशा के लिए खो दिया है। थरूर का मानना है कि भारत को अब ‘नो मीन्स नो’ से आगे बढ़कर ‘ओनली यस मीन्स यस’ (केवल हाँ का मतलब हाँ) के सिद्धांत को अपनाना चाहिए, ताकि हर महिला को शादी के भीतर भी सम्मान और सुरक्षा का अधिकार मिल सके।

भारतीय कानून में ‘मैरिटल रेप अपवाद’ क्या है?

भारतीय कानून के अनुसार, यदि एक पुरुष अपनी बालिग पत्नी (18 वर्ष से ऊपर) के साथ उसकी सहमति के बिना शारीरिक संबंध बनाता है, तो उसे ‘बलात्कार’ नहीं माना जाता है। इसे ही ‘मैरिटल रेप अपवाद’ कहा जाता है। शशि थरूर और कई महिला अधिकार संगठन इसी भेदभावपूर्ण प्रावधान को हटाने की मांग कर रहे हैं।

पटना के इस मामले में आरोपी पति को ‘मैरिटल रेप’ के बजाय किन आरोपों का सामना करना पड़ सकता है?

चूंकि कानून में अभी अपवाद मौजूद है, इसलिए पति पर सीधे तौर पर रेप (धारा 63, BNS) का केस चलाना कानूनी रूप से जटिल हो सकता है। हालांकि, उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर यह कृत्य किया है और वह पीड़िता से अलग रह रहा था, इसलिए(SHASHI THAROOR) उस पर घरेलू हिंसा, जबरन घुसपैठ, अप्राकृतिक कृत्य या सामूहिक दुष्कर्म के अन्य प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उसके दोस्त की उपस्थिति के कारण इसे ‘गैंगरेप’ की श्रेणी में कैसे रखा जाए।

अन्य पढ़े:

#BodilyAutonomy #Breaking News in Hindi #ConsentMatters #EndMaritalRape #Google News in Hindi #Hindi News Paper #JusticeForWomen #MaritalRapeException #ShashiTharoor