Patna : पवन सिंह की जगह राज्यसभा पहुंचे शिवेश कुमार

By Surekha Bhosle | Updated: March 3, 2026 • 4:19 PM

कौन हैं नए बीजेपी उम्मीदवार

पटना. बिहार की सियासत में ‘सोशल इंजीनियरिंग’ और ‘संगठनात्मक निष्ठा’ को साधते हुए भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है.भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ ही सासाराम की धरती से आने वाले कद्दावर नेता और वर्तमान प्रदेश महामंत्री शिवेश कुमार को उच्च सदन का उम्मीदवार बनाकर सबको चौंका दिया है।

पटना. पूर्व केंद्रीय मंत्री मुन्नी लाल (Munni Lal) की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे शिवेश कुमार का चयन न केवल उनकी दशकों की सेवा का इनाम माना जा रहा है, बल्कि इसे दलित मतदाताओं को गोलबंद करने की भाजपा की एक बड़ी रणनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है. आइए जानते हैं कि आखिर शिवेश राम कौन हैं।

कौन हैं शिवेश कुमार राम?

शिवेश कुमार भारतीय (Shivesh Kumar) जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ और सांगठनिक स्तर पर कार्य करने वाले नेता हैं और वे बिहार के पूर्व विधायक हैं. वे वर्तमान में बिहार भाजपा के प्रदेश महामंत्री हैं। इससे पहले वे पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रदेश सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं. पार्टी में उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पद संभाले हैं. वे पूर्व केंद्रीय मंत्री और कद्दावर दलित नेता मुन्नी लाल के पुत्र हैं और राजनीतिक रूप से वह पारिवारिक विरासत से भी जुड़े हुए हैं. उनके चयन को पार्टी द्वारा जमीनी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने के रूप में देखा जा रहा है।

शिवेश कुमार राम का राजनीतिक सफर

पटना. बीते लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा ने उन्हें सासाराम (SC) सीट से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन हार गए. उन्होंने 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव में अगियांव (अगिआंव) विधानसभा क्षेत्र (भोजपुर जिला) से बीजेपी के टिकट पर जीत हासिल की थी और 2010 से 2015 तक विधायक रहे. वे बिहार बीजेपी के सक्रिय संगठनात्मक नेता हैं और सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं वे अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय से आते हैं, इसका भी एक रणनीतिक महत्व हो सकता है।

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शिवेश राम के नाम का रणनीतिक महत्व

नितिन नवीन के साथ शिवेश राम का राज्यसभा जाना पक्का हो गया है, क्योंकि भाजपा के पास अपने ही विधायकों का पर्याप्त समर्थन हैं. भाजपा का यह कदम बिहार में दलित समुदाय (विशेषकर सासाराम और भोजपुर क्षेत्र) के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. नितिन नवीन के साथ बीजेपी से शिवेश कुमार की उम्मीदवारी ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए अपने पुराने और वफादार चेहरों पर दांव लगा रही है।

जदयू में दूसरे उम्मीदवार पर मंथन

बता दें कि आगामी 5 मार्च को नामांकन की अंतिम तिथि है. राज्य की 5 खाली हो रही सीटों पर हो रहे इस चुनाव में जदयू ने रामनाथ ठाकुर को दोबारा राज्यसभा भेजने का फैसला किया है, जबकि एक अन्य नाम पर अभी अंतिम फैसला नहीं हो पाया है. एनडीए गठबंधन की ओर से निशांत कुमार (नीतीश कुमार के पुत्र) के नाम की चर्चा जोरों पर है. वहीं, इसके साथ ही पांचवीं सीट को लेकर भी कहा जा रहा है कि एनडीए की ओर से उम्मीदवार उतारा जा सकता है।

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