Kanpur : आवारा कुत्ते ने 20 साल की युवती पर किया हमला

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कानपुर में एक आवारा कुत्ते ने 20 वर्षीय युवती पर हमला कर दिया। इस भयानक हमले में कुत्ते ने लड़की के होंठ तक काट लिए। घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है।

Dog Bite Girl Kanpur: कानपुर में आवारा कुत्ते ने 20 साल की एक युवती पर हमला बोल दिया। ये अटैक इतना भयानक था कि कुत्ते ने लड़की के होंठ तक चबा लिए। जानें ये पूरा मामला क्या है।

Kanpur Stray Dog Attack: यूपी के कानपुर (Kanpur) शहर में आवारा कुत्तों का आतंक दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। हाल ही में बर्रा निवासी 20 वर्षीय निकिता कुशवाहा पर कुत्ते भयानक हमला हुआ है, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। जानकारी के अनुसार, निकिता किदवई नगर स्थित तुलसीयांन टेक्सटाइल कंपनी में नौकरी करती हैं। जब वह ऑफिस से निकलकर ऑटो से सचान चौराहे पर उतरीं। जैसे ही वह दूसरे ऑटो में बैठने के लिए आगे बढ़ी, अचानक एक आवारा कुत्ता झपटा और उसके सीने पर पैर रखकर उसके होंठों में जोरदार काट लिया।

कुत्ते के हमले में कटे लड़की के होंठ

इस हमले में युवती बुरी तरह घायल हो गई। उसके होंठ फट गए और चेहरे पर गहरी क्षति हो गई। आसपास खड़े लोगों ने किसी तरह कुत्ते को भगाया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। निकिता (Nikita) के गरीब माता-पिता को जब यह खबर मिली तो वे हैरान रह गए। सबसे पहले उन्हें सरकारी अस्पताल ले गए, लेकिन वहां एडमिट करने से मना कर दिया गया। आखिरकार उन्हें बर्रा स्थित हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा, जहां डॉक्टरों ने निकिता के होंठों की सर्जरी की। फिलहाल युवती उसी अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है। परिवार आर्थिक तंगी और मानसिक आघात दोनों से जूझ रहा है।

पीड़िता के परिवार के गंभीर आरोप

निकिता के परिवार का आरोप है कि अगर नगर निगम और स्थानीय प्रशासन, सख्ती से ‘कैचिंग दस्ते’ का अभियान चलाते तो शायद यह घटना ना होती। इलाकाई निवासियों का मानना है कि आवारा कुत्तों की समस्या केवल स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा का बड़ा खतरा बन चुकी है। लोग डॉग बाइट के शिकार हो रहे हैं और रेबीज का डर हर किसी के मन में बैठा है।

मां को बेटी के चेहरे पर निशान की चिंता

निकिता की मां कहती हैं, ‘बेटी रोज ऑफिस जाती है, कमाकर घर चलाती है। अब चेहरे पर निशान रह जाएगा, खाने-पीने में तकलीफ होगी। हम गरीब लोग कहां से महंगा इलाज करवाएं?’ परिवार अब पूर्ण स्वस्थ होने तक निकिता की देखभाल कर रहा है।

कानपुर में डॉग अटैक की लिस्ट लंबी

बताते चलें कि कानपुर में यह घटना पहली और अकेली नहीं है। कानपुर में आवारा कुत्तों के हमलों की लिस्ट लंबी होती जा रही है। मार्च, 2026 में जाजमऊ के मनोहर नगर में 12 वर्षीय आरिश आलम पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। बच्चे को घेरकर नोचा गया, हाथ-पैर में गहरे घाव आए और हाथ में 10 टांके लगे। उसी महीने कल्याणपुर के शिवली रोड बाजार में एक युवती पर आवारा कुत्ता हमला कर बैठा। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि कुत्ता युवती को सड़क पर गिराकर नोच रहा था।

पहले भी कॉलेज की लड़की पर हुआ था हमला

अगस्त, 2025 में श्याम नगर इलाके में बीबीए की 21 वर्षीय छात्रा वैष्णवी साहू पर तीन आवारा कुत्तों ने सामूहिक हमला किया। कॉलेज से घर लौट रही लड़की का गाल दो हिस्सों में फट गया, नाक कट गई और चेहरे पर 17 टांके लगे। पड़ोसियों ने किसी तरह उसे बचाया। ऐसे ही कई मामले सामने आ चुके हैं जहां बच्चे, महिलाएं और आम नागरिक आवारा कुत्तों का शिकार बन रहे हैं।

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बताते चलें शहर में करीब 1.30 लाख से ज्यादा आवारा कुत्ते बताए जाते हैं। नगर निगम समय-समय पर इन्हें पकड़ने और नसबंदी (ABC) अभियान चलाता है, लेकिन जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। चौराहों, बाजारों और आवासीय इलाकों में खूंखार कुत्ते बेखौफ घूमते दिखाई देते हैं। हाल ही में प्रशासन ने दो बार काटने वाले कुत्तों को आजीवन ABC सेंटर में रखने का फैसला लिया है, लेकिन आम लोगों का कहना है कि अमल बहुत धीमा है।

इन घटनाओं ने एक बार फिर सवाल उठा दिया है कि कानपुर नगर निगम कब तक सिर्फ कागजों पर अभियान चलाएगा? सड़कों पर घूम रहे खतरनाक आवारा कुत्तों को पकड़ने, नसबंदी करने और उन्हें सुरक्षित जगह शिफ्ट करने के लिए सख्त और निरंतर अभियान की जरूरत है। अन्यथा शहर के हर चौराहे पर मासूमों की जान खतरे में पड़ी रहेगी।

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Surekha Bhosle

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Surekha Bhosle

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