नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू (Arunachal Pradesh Pema Khandu) के परिवार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया है। यह मामला सरकारी टेंडरों में कथित पक्षपात और करोड़ों रुपये के सार्वजनिक धन के दुरुपयोग से जुड़ा हुआ है।
सीबीआई को शुरुआती जांच के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई (CBI) को निर्देश दिया है कि वह उन आरोपों की प्रारंभिक जांच करे, जिनमें दावा किया गया है कि अरुणाचल प्रदेश में सरकारी कॉन्ट्रैक्ट मुख्यमंत्री खांडू के परिवार से जुड़ी फर्मों को दिए गए थे।

जनहित याचिका पर हुई कार्रवाई
यह आदेश ‘सेव मोन रीजन फेडरेशन’ द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। कोर्ट ने सीबीआई से कहा कि वह नवंबर 2015 से 2025 के बीच सार्वजनिक निर्माण कार्यों के कॉन्ट्रैक्ट दिए जाने और उनके क्रियान्वयन की जांच करे।
परिवार से जुड़ी फर्मों पर विशेष नजर
जांच के दौरान उन कॉन्ट्रैक्ट्स की विशेष रूप से पड़ताल की जाएगी, जो याचिका में नामजद प्रतिवादियों से जुड़ी संस्थाओं को दिए गए थे। इनमें मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों, उनकी पत्नी, मां और भतीजे से जुड़ी फर्में भी शामिल हैं।
टेंडर प्रक्रिया और भुगतान की होगी जांच
जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता (Justice Sandeep Mehta) और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा कि सीबीआई टेंडर आवंटन, परियोजनाओं के पूरा होने और भुगतान के लेन-देन की विस्तृत जांच करेगी।
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समय सीमा से परे भी जांच की छूट
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सीबीआई की जांच केवल तय समय-सीमा तक सीमित नहीं रहेगी। यदि जरूरत पड़ी तो एजेंसी इससे पहले या बाद के लेन-देन की भी जांच कर सकती है।
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