संकरी गलियों में मची चीख-पुकार
सूरत: गुजरात के सूरत(Surat) में मंगलवार दोपहर एक रिहायशी मकान में भीषण आग लगने से एक ही परिवार के 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में 65 वर्षीय शाहनाज बेगम अंसारी सहित चार महिलाएं और एक 4 साल का मासूम बच्चा शामिल है। लिंबायत इलाके में हुई इस घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं, लेकिन आग इतनी विकराल(Terrifying) थी कि बचाव कार्य शुरू होने से पहले ही पाँचों ने दम तोड़ दिया था।
8 टन साड़ियों का स्टॉक बना काल
पड़ोसियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह मकान एक कपड़ा व्यापारी का था जिसने घर के भीतर ही लगभग 8 टन साड़ियों का स्टॉक जमा कर रखा था। घर में कपड़ों(Clothes) की इतनी अधिकता थी कि पैदल चलने तक की जगह नहीं बची थी। साड़ियों(Surat) के सिंथेटिक कपड़े और भारी मात्रा में जमा स्टॉक ने ईंधन का काम किया, जिससे आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया और किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
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राहत कार्य और सुरक्षा पर सवाल
दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन संकरी गलियों और घर के अंदर बेतरतीब तरीके से रखे सामान के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक स्टॉक रखने और फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आग लगने के सही कारणों की जांच की जा रही है।
सूरत के लिंबायत इलाके में हुई आग की घटना में कितने लोगों की जान गई है?
इस दुखद घटना में कुल 5 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 4 महिलाएं और एक 4 साल का बच्चा शामिल है।
घर के अंदर आग इतनी तेजी से फैलने का मुख्य कारण क्या था?
घर के अंदर लगभग 8 टन साड़ियों का स्टॉक रखा हुआ था। कपड़ों के इस भारी जमावड़े के कारण आग बहुत तेजी से भड़की और घर में निकलने का रास्ता बंद हो गया।
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