नई दिल्ली,। स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal) ने संसद के उच्च सदन में स्वच्छता और सिविक सेंस का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि देश को साफ रखना सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।
शहरों में गंदगी आम समस्या
राज्यसभा में बोलते हुए सांसद मालीवाल ने कहा कि आज शहरों की सड़कों पर कूड़ा, जाम फुटपाथ, खराब पब्लिक टॉयलेट और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी आम दृश्य बन चुके हैं। उन्होंने माना कि कई बार राज्य सरकारें और नगर निगम (Nagar Nigam) अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहे हैं, लेकिन इसके साथ-साथ नागरिकों की मानसिकता भी एक बड़ी समस्या है।
घर साफ, बाहर लापरवाही क्यों?
उन्होंने कहा कि हम अपना घर तो साफ रखते हैं, लेकिन घर से बाहर निकलते ही सड़क और सार्वजनिक जगहों को अपना नहीं मानते। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि लोग पार्कों में कूड़ा छोड़ देते हैं, पानी की बोतलें सड़क पर फेंक देते हैं और सार्वजनिक स्थानों पर गुटखा थूकना आम बात बन चुकी है।
राजीव चौक मेट्रो का जिक्र
स्वाति मालीवाल ने दिल्ली के राजीव चौक मेट्रो स्टेशन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां धक्का-मुक्की और लाइन तोड़ना आम हो गया है। उन्होंने पर्यटन स्थलों और पहाड़ी इलाकों में फैलती गंदगी पर भी चिंता जताई।
जापान और नॉर्थ ईस्ट से सीख
सांसद मालीवाल ने कहा कि लोग विदेशों की साफ-सफाई की तारीफ तो करते हैं, लेकिन वहां के नागरिक सार्वजनिक स्थानों को अपना मानते हैं। उन्होंने जापान का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां बच्चे खुद अपना क्लासरूम साफ करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने भारत के नॉर्थ ईस्ट राज्यों की सराहना करते हुए कहा कि वहां ट्रैफिक नियमों का पालन, नो हॉर्निंग और त्योहारों में जीरो प्लास्टिक जैसी पहलें अनुकरणीय हैं।
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सिविक सेंस पर सख्ती की मांग
उन्होंने मांग की कि सिविक सेंस को स्कूल के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए और सार्वजनिक नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना व सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सांसद मालीवाल ने कहा कि देश को साफ रखना भी देशभक्ति है। सोच बदलेगी, तभी भारत वास्तव में स्वच्छ और सभ्य बन पाएगा।
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