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child habit: बच्चे को है अंगूठा चूसने की आदत:ये आदत कब हो सकती है नुकसानदायक

Author Icon By digital@vaartha.com
Updated: April 25, 2025 • 11:03 AM
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बच्चों का अंगूठा या उंगली चूसना एक सामान्य आदत मानी जाती है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि यह आदत एक छोटे से आराम के संकेत के तौर पर शुरू होती है, लेकिन अगर लंबे समय तक बनी रहे तो यह बच्चे की शारीरिक और मानसिक सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकती है।

बच्चों में जन्म से ही रूटिंग और सकिंग रिफ्लेक्स होते हैं। यही नेचुरल रिफ्लेक्स उन्हें अपने अंगूठा या उंगलियां मुंह में डालने के लिए प्रेरित करते हैं। कई बार तो यह आदत जन्म से पहले ही (गर्भ में) शुरू हो जाती है।

इसके अलावा जब बच्चा किसी बात को लेकर तनाव, डर या बेचैनी महसूस करता है तो वह खुद को शांत करने और सुरक्षित रखने के लिए अंगूठा चूसने लगता है। यह व्यवहार एक तरह का सेल्फ-सूथिंग बिहेवियर होता है। यही वजह है कि कुछ बच्चे थोड़े परेशान, थके हुए या नींद में होने पर खुद को शांत करने के लिए अंगूठा चूसने लगते हैं।

बच्चों में अंगूठा चूसने की आदत कितने समय तक रहती है?

अंगूठा चूसना बच्चों की सबसे आम आदतों में से एक है। करीब 90% नवजात शिशु जन्म के दो घंटे के भीतर किसी-न-किसी रूप में हाथ चूसने का व्यवहार दिखाते हैं। अधिकतर बच्चे 6-7 महीने की उम्र में या फिर 2 से 4 साल की उम्र के बीच स्वाभाविक रूप से यह आदत छोड़ देते हैं। यह एक सामान्य विकास प्रक्रिया का हिस्सा होता है और इस उम्र तक यह आदत कोई स्थायी नुकसान नहीं करती है।

यह आदत कब हो सकती है नुकसानदायक?

दो साल की उम्र तक – चिंता की बात नहीं

चार साल की उम्र के बाद – सतर्क होने का समय

स्कूल जाने की उम्र में – सामाजिक असर

पेरेंट्स क्या करें? कैसे छुड़ाएं यह आदत?

सकारात्मक सहयोग दें

बच्चे को व्यस्त रखें

नींद से पहले के रूटीन को सुधारें

रिवॉर्ड सिस्टम अपनाएं

कब डॉक्टर से सलाह लें?

अगर आदत बनी रहे:

डेंटल एक्सपर्ट की राय

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