बिजनौर के गांव शेरनगर नरैनी में तरबूज खाने के बाद दंपती और उनकी बेटी की तबीयत खराब हो गई। तीनों को उपचार के लिए ले जाया गया, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में युवती ने दम तोड़ दिया। जांच की जा रही कि वास्तव में तरबूज खाने से ही मौत हुई, या वजह कुछ और है।
बिजनौर के गांव शेरनगर नरैनी में तरबूज (watermelon) खाने के बाद दंपती और उनकी बेटी की तबीयत खराब हो गई। तीनों को उपचार के लिए ले जाया गया, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में युवती ने दम तोड़ दिया। जांच की जा रही कि वास्तव में तरबूज खाने से ही मौत हुई, या वजह कुछ और है।
कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव शेरनगर नरैनी (Shernagar Naraini) में बुधवार दोपहर डॉ. जिया उल रहमान ने अपनी पत्नी और पुत्री मुस्कान के साथ तरबूज खाया था। तरबूज खाने के कुछ देर बाद ही तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार के अन्य लोग हालत ज्यादा खराब होने पर मुस्कान समेत तीनों को तत्काल बिजनौर के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए।
वहां से मुस्कान को अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही मुस्कान ने दम तोड़ दिया। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मुस्कान के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि मुस्कान का कुछ समय पूर्व ही निकाह तय हुआ था।
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जांच की मांग, स्वास्थ्य अधिकारी ने दी जानकारी
तरबूज खाने के कुछ ही देर बाद युवती की मौत की खबर क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस मामले में युवती का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। कोतवाली देहात पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। मामले का पता कराकर जांच कराई जाएगी।
संदिग्ध मौत के कारण की पड़ताल जारी
डॉ. जिया उल रहमान और उनकी पत्नी की हालत स्थिर बताई जा रही है। यह घटना कई सवाल खड़े करती है कि क्या तरबूज में कोई विषैला पदार्थ था या फिर कोई अन्य कारण रहा है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं ताकि मौत के असली कारणों का पता लगाया जा सके।
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