National- राज्यसभा चुनाव- टीएमसी ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, बाबुल सुप्रियो को मिला टिकट

By Anuj Kumar | Updated: February 28, 2026 • 11:23 AM

कोलकाता,। आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पश्चिम बंगाल से उच्च सदन के लिए अपने चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने इस बार अनुभव, प्रशासनिक दक्षता, कानूनी विशेषज्ञता और सांस्कृतिक लोकप्रियता के संतुलन पर जोर दिया है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Social Media Platform X) पर सूची जारी करते हुए भरोसा जताया कि चयनित उम्मीदवार संसद में जनता के अधिकारों और सम्मान की मजबूती से आवाज उठाएंगे।

बाबुल सुप्रियो को मिला मौका

घोषित नामों में सबसे प्रमुख नाम पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo) का है। वह पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में थे और नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री रह चुके हैं। सितंबर 2021 में भाजपा छोड़कर टीएमसी में शामिल हुए सुप्रियो को अब पार्टी ने राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।

प्रशासन और कानून के क्षेत्र से भी नाम

टीएमसी ने पश्चिम बंगाल पुलिस के पूर्व महानिदेशक राजीव कुमार को भी उम्मीदवार बनाया है। प्रशासनिक अनुभव के चलते पार्टी को उनसे मजबूती मिलने की उम्मीद है। कानूनी मोर्चे पर पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी पर भरोसा जताया है, जो कई अहम मामलों में अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। वहीं बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखते हुए टॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री कोएल मलिक को भी राज्यसभा का टिकट दिया गया है।

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पुराने सांसदों को दोबारा मौका नहीं

इस घोषणा के साथ पार्टी के भीतर बदलाव भी देखने को मिले हैं। टीएमसी ने सेवानिवृत्त हो रहे अपने चार सांसदों को दोबारा नामांकित नहीं किया। इनमें महासचिव सुब्रत बख्शी, रितब्रत बनर्जी और साकेत गोखले शामिल हैं। वहीं मौसम नूर पहले ही कांग्रेस में शामिल हो चुकी हैं।

भाजपा का हमला और चुनावी अहमियत

उम्मीदवारों की घोषणा के बाद भाजपा ने टीएमसी पर निशाना साधा है। भाजपा की बंगाल इकाई ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की ‘बंगाल पहले’ नीति केवल दिखावा है, क्योंकि घोषित उम्मीदवारों में से आधे गैर-बंगाली हैं। भारतीय जनता पार्टी का दावा है कि टीएमसी चुनावी लाभ के लिए बंगाली अस्मिता का इस्तेमाल करती है। चुनाव आयोग की अधिसूचना के अनुसार पश्चिम बंगाल सहित 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। यह चुनाव राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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