UP- मनरेगा बचाओ मार्च पर लाठीचार्ज, कांग्रेस ने जताई कड़ी आपत्ति

By Anuj Kumar | Updated: January 12, 2026 • 1:52 PM

लखनऊ,। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यूपी में “योगी-मोदी (Yogi- Modi) की ट्रबल इंजन” सरकार ने पुलिस को वाराणसी में पार्टी के राष्ट्रव्यापी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर “क्रूरतापूर्वक लाठीचार्ज” करने का आदेश दिया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश (Congress Leader Jayram Ramesh) ने एक वीडियो साझा की जिसमें पुलिस को प्रदर्शनकारियों को धक्का देते और उनके खिलाफ बल प्रयोग करते दिखा गया है। रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मेरे युवा साथी वरुण चौधरी के नेतृत्व में छात्रों ने मनरेगा बचाओ संग्राम मार्च निकाला।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर दमन

रमेश ने आरोप लगाया कि यह पूरी तरह से शांतिपूर्ण और संवैधानिक अधिकारों के तहत किया गया लोकतांत्रिक प्रदर्शन था, लेकिन योगी-मोदी की ट्रबल-इंजन सरकार को सवालों से इतनी घबराहट होती है कि उसने पुलिस के जरिये कार्यकर्ताओं पर बेरहमी से लाठीचार्ज करवा दिया। एनएसयूआई कांग्रेस की छात्र शाखा है।

प्रियंका गांधी का कड़ा विरोध

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी इस घटना को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मनरेगा को खत्म करके करोड़ों मजदूरों से रोजगार का अधिकार छीनने के खिलाफ वाराणसी में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई छात्रों पर बर्बरतापूर्ण बल प्रयोग और गिरफ्तारी अत्यंत निंदनीय है। हम कड़े शब्दों में इस कायरतापूर्ण कार्रवाई की निंदा करते हैं।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार करोड़ों मजदूरों से रोजगार का कानूनी अधिकार छीन रही है और आवाज उठाने वालों पर बल प्रयोग किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी का हर एक कार्यकर्ता इस अन्याय, अत्याचार और दमन के खिलाफ डटकर खड़ा है।

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मनरेगा बचाओ संग्राम: 45 दिवसीय अभियान

कांग्रेस ने संप्रग काल के ग्रामीण रोजगार कानून को निरस्त करने के विरोध में अपना 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान- मनरेगा बचाओ संग्राम शुरू किया और हर जिले में संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया।बता दें विपक्षी दलों द्वारा वीबी-जी राम जी अधिनियम को वापस लेने और ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम’ (मनरेगा) को उसके मूल स्वरूप में एक अधिकार-आधारित कानून के रूप में बहाल करने, काम के अधिकार और पंचायतों के अधिकार को बहाल करने की मांग को लेकर किया जा रहा आंदोलन 25 फरवरी तक जारी रहेगा

मनरेगा में 1 दिन की मजदूरी कितनी है 2025 में?

मनरेगा (MGNREGA) में 1 दिन की मजदूरी अलग-अलग राज्यों के लिए अलग-अलग होती है, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 (1 अप्रैल, 2025 से प्रभावी) के लिए केंद्रीय अधिसूचना के अनुसार ₹241 (अरुणाचल प्रदेश/नागालैंड) से ₹400 (हरियाणा) तक है, जिसमें उत्तर प्रदेश में ₹252 और मध्य प्रदेश में ₹261 दरें शामिल हैं, और यह वृद्धि जीवन यापन की लागत और क्षेत्रीय मुद्रास्फीति पर निर्भर करती है। 

मनरेगा योजना के क्या लाभ हैं?

यह योजना भारत की गरीब आबादी को अपनी सेवाएं प्रदान करके न्यूनतम आय अर्जित करने की अनुमति देती है। इस योजना का उद्देश्य लोगों को एक वर्ष में न्यूनतम 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराकर, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र में बेरोजगारी की समस्या को कम करना है।

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