National- पीओके-अक्साई चिन को भारत का हिस्सा बताकर अमेरिका ने पोस्ट हटाई

By Anuj Kumar | Updated: February 11, 2026 • 1:58 PM

नई दिल्ली । भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद एक अमेरिकी सोशल मीडिया पोस्ट (Social Media Post) ने अंतरराष्ट्रीय हलकों में हलचल मचा दी। अमेरिका की ओर से साझा किए गए एक नक्शे में पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (POK) और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया था। हालांकि, कुछ ही समय बाद यह पोस्ट डिलीट कर दी गई, जिसके बाद इसके पीछे की वजहों को लेकर कई तरह की अटकलें शुरू हो गई हैं।

ट्रेड डील के ऐलान के साथ शेयर हुआ था नक्शा

मीडिया रिपोर्ट (Media Report) के मुताबिक, अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड पर द्विपक्षीय अंतरिम समझौते की घोषणा के दौरान यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव के ऑफिस ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में भारत का ऐसा नक्शा दिखाया गया था, जिसमें जम्मू-कश्मीर का पूरा इलाका, पीओके और अक्साई चिन स्पष्ट रूप से भारत का हिस्सा दर्शाया गया था। खास बात यह रही कि नक्शे में किसी तरह की डॉटेड लाइन या विवादित क्षेत्र का संकेत नहीं था, जो भारत के आधिकारिक नक्शे से पूरी तरह मेल खाता था।

भारत के रुख से मेल खाता था अमेरिकी स्टैंड

इस नक्शे के जरिए ऐसा प्रतीत हुआ कि अमेरिका भी पीओके और अक्साई चिन को भारत का अभिन्न हिस्सा मानता है। यह पोस्ट भारत के लिए कूटनीतिक तौर पर अहम मानी जा रही थी, क्योंकि लंबे समय से अमेरिका इस मुद्दे पर संतुलित और सावधान रुख अपनाता रहा है।

पोस्ट डिलीट होने से खड़े हुए सवाल

हालांकि, कुछ ही समय बाद यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव के ऑफिस ने यह पोस्ट डिलीट कर दी। इसके बाद सवाल उठने लगे कि जब अमेरिका ने एक बार पूरी दुनिया के सामने यह स्थिति स्पष्ट कर दी थी, तो फिर पोस्ट हटाने की जरूरत क्यों पड़ी। जानकारों का मानना है कि अमेरिका विवादित क्षेत्रों को लेकर सीधे टकराव से बचना चाहता है।

चीन और पाकिस्तान फैक्टर की चर्चा

विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका चीन और पाकिस्तान को नाराज नहीं करना चाहता। पीओके और अक्साई चिन का मुद्दा सीधे तौर पर इन दोनों देशों से जुड़ा है। ऐसे में संभव है कि कूटनीतिक दबाव या रणनीतिक मजबूरियों के चलते अमेरिका ने पोस्ट हटाने का फैसला लिया हो। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि बलूचिस्तान और ईरान से जुड़े क्षेत्रीय समीकरणों में पाकिस्तान की भूमिका को देखते हुए अमेरिका संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है।

भारत-अमेरिका रिश्तों में संकेतों की कूटनीति

ट्रेड डील के बाद भारत और अमेरिका के रिश्ते एक बार फिर मजबूत होते दिख रहे हैं। माना जा रहा है कि इस नक्शे के जरिए अमेरिका ने भारत को यह संकेत दिया कि वह उसकी संवेदनशीलताओं को समझता है। वहीं, पोस्ट हटाकर उसने यह भी दर्शाया कि वह क्षेत्रीय विवादों में खुलकर पक्ष लेने से फिलहाल बचना चाहता है।

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कश्मीर पर अमेरिका का पुराना रुख

अमेरिका का आधिकारिक रुख शुरू से यही रहा है कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मुद्दा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार मध्यस्थता की पेशकश जरूर की है, लेकिन यह भी साफ किया है कि ऐसा तभी होगा जब दोनों पक्ष इसकी मांग करें। भारत लगातार यह दोहराता रहा है कि कश्मीर उसका आंतरिक और द्विपक्षीय विषय है, जिसमें किसी तीसरे देश की भूमिका स्वीकार्य नहीं है।

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