Latest Hindi News : Railway-ट्रेन में इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल अब पड़ेगा महंगा

By Anuj Kumar | Updated: November 25, 2025 • 10:56 AM

नई दिल्ली। भारत में ट्रेन में कई यात्री अजीबो-गरीब सामान लेकर सफर करते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया, जिसमें एक महिला यात्री कोच (Women Passenger Coach) में इलेक्ट्रिक केतली लगाकर मैगी बनाती दिखाई दी। इसके बाद रेलवे (Railway) ने उस पर कार्रवाई की। यह पहली घटना नहीं है, लेकिन रेलवे इसे गंभीर मामला मानता है, क्योंकि ट्रेन कोई निजी जगह नहीं बल्कि पब्लिक सर्विस है।

लो-वॉटेज डिवाइस की ही अनुमति

भारतीय रेलवे ने साफ कर दिया है कि कोच में सिर्फ मोबाइल, लैपटॉप और पावर बैंक (Power Back) जैसे लो-वॉटेज उपकरणों का उपयोग ही स्वीकार्य है। ट्रेन की पावर सप्लाई घरेलू कनेक्शन जैसी नहीं होती। इसका लोड फिक्स होता है और कोच की वायरिंग भी उसी क्षमता के अनुसार बनाई जाती है।

हाई-वॉटेज उपकरण बनते हैं खतरा

इलेक्ट्रिक केतली, इंडक्शन, हीटर जैसे हाई-वॉटेज उपकरण ज्यादा लोड खींचते हैं, जिससे कई खतरे बढ़ जाते हैं—

कोच में सैंकड़ों लोग सफर करते हैं, इसलिए यह रेलवे के लिए गंभीर सुरक्षा मुद्दा बन जाता है।

रेलवे एक्ट के तहत जुर्माना और सजा

रेलवे एक्ट सेक्शन 153 के तहत, ट्रेन में हाई-वोल्टेज उपकरण का इस्तेमाल करने पर जुर्माना और छह महीने तक की सजा हो सकती है। अगर इससे कोच में आग या धुआं फैलता है, तो सेक्शन 154 लागू होता है, जिसमें दो साल तक की सजा का प्रावधान है।

रेलवे की चेतावनी

रेलवे का स्पष्ट संदेश है—ट्रेन में केवल सुरक्षित और अनुमोदित उपकरण ही इस्तेमाल करें। नियम तोड़ना यात्रियों और ट्रेन दोनों के लिए खतरा बन सकता है।”

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