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Voter List: वोटर लिस्ट में बड़ी ‘सफाई’: 6.08 करोड़ नामों की कटौती

Author Icon By Dhanarekha
Updated: April 11, 2026 • 2:47 PM
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उत्तर प्रदेश और बंगाल में सबसे बड़ी छंटनी

नई दिल्ली: चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे फेज(Voter List) के बाद उत्तर प्रदेश में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। यहाँ फाइनल वोटर लिस्ट में 2.04 करोड़ नाम कम हो गए हैं, जो कुल वोटर्स का लगभग 13% है। इसी तरह पश्चिम बंगाल में भी 91 लाख नाम लिस्ट से बाहर किए गए हैं। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य फर्जी वोटिंग(Bogus Voting) को रोकना और उन नामों को हटाना है जो या तो अब उस पते पर नहीं रहते (माइग्रेशन) या जिनकी मृत्यु हो चुकी है

SIR का विस्तार: 60 करोड़ वोटर हुए कवर

देशभर के कुल 99 करोड़ मतदाताओं में से अब तक 60 करोड़ को इस प्रक्रिया(Process) के तहत कवर किया जा चुका है। पहले फेज में बिहार से शुरुआत हुई थी और दूसरे फेज में 9 राज्यों व 3 केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया। अब तीसरे फेज की बारी है, जिसमें शेष 39 करोड़ मतदाताओं (17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों) का वेरिफिकेशन किया जाएगा। तमिलनाडु और बंगाल जैसे राज्यों में राजनीतिक विवादों और कानूनी चुनौतियों के बावजूद आयोग ने इस ‘शुद्धिकरण’ अभियान को जारी रखा है।

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क्यों जरूरी है यह प्रक्रिया?

पिछले 21 सालों से इतनी सघन स्तर पर वोटर लिस्ट का अपडेशन बाकी था। SIR का मकसद केवल नाम हटाना नहीं, बल्कि योग्य मतदाताओं को जोड़ना भी है। घर-घर जाकर BLO (ब्लॉक लेवल ऑफिसर) द्वारा किए गए इस वेरिफिकेशन से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग जगहों की वोटर लिस्ट में न हो और विदेशी नागरिकों के नाम सूची से हटाए जा सकें। यह 2047 के विकसित भारत की ओर बढ़ते कदमों में ‘स्वच्छ चुनावी प्रक्रिया’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की प्रक्रिया के दौरान किन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं?

इस प्रक्रिया के तहत उन लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जो अब उस स्थान पर नहीं रहते (शिफ्ट हो चुके हैं), या जिनके नाम फर्जी तरीके से या गलती से दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की लिस्ट में दर्ज हैं।

क्या आधार कार्ड का उपयोग वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए किया जा सकता है?

हाँ, SIR प्रक्रिया के दौरान पहचान और पते के सत्यापन के लिए मान्य दस्तावेजों की सूची में आधार कार्ड शामिल है। इसके अलावा पासपोर्ट, 10वीं की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र और पेंशनर आईडी जैसे दस्तावेज भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

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