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Latest Hindi News : सिद्धारमैया-शिवकुमार आदेश का इंतजार, जातीय संगठनों का अल्टीमेटम

Author Icon By Anuj Kumar
Updated: November 28, 2025 • 12:34 PM
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बेंगलुरु ।कर्नाटक में सत्ता के ढाई साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री पद (CM Post) को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रहा तनियित संकट अब खुलकर सड़क पर आ गया है।

सिद्धारमैया-शिवकुमार के समर्थक आमने-सामने

सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार (DK ShivKumar) के समर्थक जातीय संगठन एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं और दोनों पक्ष पार्टी हाईकमान को खुली चेतावनी दे रहे हैं। संसद के शीतकालीन सत्र (1 दिसंबर से) शुरू होने से पहले इस विवाद को सुलझाने की कोशिश तेज हो गई है। माना जा रहा है कि मई 2023 में हुई कथित “सीक्रेट डील”(ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला) ही मौजूदा तनाव की जड़ है।

हाईकमान बैठक की तैयारी

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) पहले ही दोनों नेताओं को दिल्ली बुलाकर बैठक करने के संकेत दे चुके हैं। सिद्धारमैया ने कहा कि अगर बुलाया जाएगा तो जरूर जाऊंगा। वहीं डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि सीएम और मैं मिलकर चर्चा करेंगे, फिर जाएंगे। पहले 28-29 नवंबर को दिल्ली में बैठक की चर्चा थी, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जातीय संगठनों की चेतावनी

मुख्यमंत्री का कामकाज और बैठक

गुरुवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपना सरकारी कामकाज जारी रखा। एक दिन पहले बुधवार को उन्होंने अपने विश्वस्त वरिष्ठ नेताओं-विधायकों से बंद कमरे में लंबी बैठक की। इसमें गृह मंत्री जी परमेश्वर, पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जरकिहोली, राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा, एचसी महादेवप्पा, के वेंकटेश और पूर्व मंत्री केएन राजन्ना जैसे अहिंदा खेमे के दिग्गज शामिल थे।

कांग्रेस में फॉर्मूले का उलझाव

कुल मिलाकर कर्नाटक कांग्रेस ढाई साल के फॉर्मूले पर बुरी तरह उलझ गई है। दोनों तरफ के जातीय संगठन सड़क पर उतर आए हैं और हाईकमान पर दबाव बना रहे हैं। आने वाले दो-तीन दिन में दिल्ली से जो भी फैसला आएगा, वह न सिर्फ कर्नाटक बल्कि पूरे दक्षिण भारत की कांग्रेस राजनीति की दिशा तय करेगा।

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