Uttar Pradesh : कौन हैं संगीता रोड? गांव की प्रेरणास्पद ग्राम प्रधान

By Surekha Bhosle | Updated: January 28, 2026 • 1:01 PM

Who is Sangeeta Rod: शामली जिले में जलालाबाद कस्बे के तहत आने वाले गांव आहता गौसगढ़ की ग्राम प्रधान संगीता रोड फिर चर्चा में हैं। स्कूल में आए बदलाव को लेकर चर्चा हो रही है।

शामली: उत्तर प्रदेश के शामली से ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने साबित किया है कि अगर आपकी सोच सकारात्मक हो तो बदलाव आना तय है। सही दिशा में किए गए प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाते, इसे जमीन पर उतार कर दिखाया है एक ग्राम प्रधान ने। पहले शराब के नशे में डूबे लोगों को इसकी दलदल से बाहर निकालने का प्रयास किया। इसके बाद नई पीढ़ी की नई राह दिखाने की तरफ कदम बढ़ाया। इसमें भी उन्हें सफलता मिलती दिख रही है। हम बात कर रहे हैं, शामली जिले के जलालाबाद कस्बे के गांव आहता गौसगढ़ की ग्राम प्रधान (Sangeeta Rod) संगीता रोड की। उन्होंने अपने प्रयास से गांव के स्कूल की सूरत ही बदल दी। स्कूल में बच्चों की उपस्थिति की अब हर तरफ चर्चा हो रही है।

क्या है पूरा वाकया?

दरअसल, ग्राम प्रधान ने स्कूल में बच्चों (Children at school) की अनुपस्थिति को एक गंभीर समस्या के रूप में लिया। उन्होंने ऐसा अनूठा प्रयोग किया, जिस्से सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ गई है। साथ ही, अभिभावकों का भी शिक्षा के प्रति नजरिया बदलता दिख रहा है। ग्राम प्रधान संगीता रोड ने तीन महीने पहले घोषणा की थी कि जो छात्र अगले तीन माह तक 100 फीसदी कक्षाओं में उपस्थित रहेगा, उसे पुरस्कार मिलेगा। लॉटरी के जरिए वॉशिंग मशीन का गिफ्ट मिलने की घोषणा ने बच्चों से लेकर अभिभावकों तक को उत्साहित कर दिया।

अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना शुरू किया। तीन माह में 41 बच्चे ऐसे आए, जो कक्षाओं में शत प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने में सफल रहे। इसके बाद प्रधान ने भी वादा पूरा किया। अपने स्तर से एक बच्चे को वॉशिंग मशीन और बचे 40 बच्चों को 500 रुपये तक के उपहार गिफ्ट के तौर पर प्रदान किए। स्कूल में 162 बच्चों का एडमिशन है।

स्कूल में बढ़ी है रौनक

थानाभवन ब्लाक क्षेत्र के गांव अहाता गोसगढ़ के कंपोजिट स्कूल में नवंबर 2025 तक बच्चों की अनुपस्थिति एक बड़ी समस्या बनी हुई थी। ग्राम प्रधान संगीता ने इस स्थिति से निपटने के लिए नई योजना तैयार की। गणतंत्र दिवस पर 100 फीसदी उपस्थिति वाले बच्चे के अभिभावक को वॉशिंग मशीन उपहार में देने की घोषणा हुई। घोषणा के बाद स्कूल गुलजार हो गया। बच्चों की उपस्थिति बढ़ गई। गायब रहने वाले बच्चे भी स्कूल आने लगे।

अभिभावकों का रुझान भी बच्चों की पढ़ाई पर दिखा। पढ़ाई पर अधिक ध्यान न देने वाले पेरेंट्स भी बच्चों को छोड़ने स्कूल तक आने लगे। 26 जनवरी से पहले जांच हुई तो 41 बच्चों की उपस्थिति शत-प्रतिशत पाई गई। इसे देखकर हर कोई हैरान रह गया।

लॉटरी से निकला विजेता

स्कूल में शत-प्रतिशत उपस्थिति के विजेता का निर्णय इसके बाद लॉटरी से किया गया। कक्षा दो के छात्र अनुराग पुत्र सुशील की लॉटरी निकली। उसे मंच पर सम्मान के साथ लॉटरी गिफ्ट की गई। 40 अन्य बच्चों को भी पुरस्कार मिले। इसे देखकर अन्य अभिभावक भी काफी खुश दिखाई दिए। ग्राम प्रधान संगीता रोड ने भी कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों के सहयोग की सराहना की।

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ग्राम प्रधान ने कहा कि हमारा मकसद केवल इनाम बांटना नहीं है। हम यह संदेश देना चाहते थे कि शिक्षा ही विकास की असली कुंजी है। माता-पिता को जब प्रोत्साहित किया जाता है तो वे बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता देने लगते हैं। उन्होंने कहा कि अब स्कूल में बच्चे नियमित आने लगे हैं।

नशे के खिलाफ भी किया काम

संगीता रोड ने शराब के खिलाफ युवाओं को सजग ओर सावधान करने की नीति पर भी काम किया है। जून-जुलाई 2024 के दौरान ग्राम प्रधान ने नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करने की मुहिम शुरू की। गांव के लोगों के साथ बात की और उन्हें अपने साथ लाने में कामयाब हुई। गांववालों के समर्थन के बाद पुलिस से सहयोग लिया गया। गांव में नोटिस चिपकाकर अवैध शराब बेचने वालों की जानकारी देने की अपील की गई। जानकारी देने वालों के लिए 11 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।

संगीता के प्रयासों ने गांव को नशे के चंगुल से बाहर लाने में सफलता दिलाई। युवाओं का फोकर करियर पर हो, इसके लिए उन्होंने दौड़ प्रतियोगिताएं कराईं। जीतने वालों के लिए 2100 रुपये का इनाम घोषित किया गया। युवा इससे नशा छोड़ करियर और अपने भविष्य पर विचार करने लगे।

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