Latest News : हवन में झुलसी महिला, ओढ़नी में लगी आग से मौत

By Surekha Bhosle | Updated: October 16, 2025 • 4:14 PM

महाराष्ट्र के डोंबिवली (पूर्व) के (Maharashtra) तिलकनगर में हवन कुंड में घी डालते समय एक महिला आग की लपटों में बुरी तरह झुलस गई. दो सप्ताह तक चले इलाज के बाद सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई. मृतका की पहचान सरिता निरंजन ढाका (उम्र 33 वर्ष) के रूप में हुई है. यह हादसा नवरात्रि के आठवें दिन हुआ था।

सरिता ढाका अपने पति निरंजन इंदरलाल ढाका (36) के साथ तिलकनगर स्थित शिव पैराडाइज बिल्डिंग में रहती थीं. नवरात्रि की अष्टमी के दिन बिल्डिंग परिसर में विशेष (Havan Puja) हवन पूजा का आयोजन किया गया था. इस पूजा में कई परिवार शामिल हुए थे. धार्मिक परंपरा के अनुसार, हवन कुंड में घी और धूप डालकर देवी पूजा की जा रही थी. इस दौरान सरिता ने सिर पर पतली ओढ़नी ओढ़ रखी थी और वह भी हवन कर रही थी।

आग की चपेट में आने से महिला झुलसी

इसी बीच, सरिता हवन कुंड में घी डालने के लिए झुकी. उसी समय आग की लपटें अचानक ऊपर की ओर उठीं, और सरिता के सिर पर रखी ओढ़नी को चपेट में ले लिया. थोड़ी ही देर में ओढ़नी में लगी आग उसके पूरे शरीर में फैल गई

अन्य पढ़ें: भारत ने रूस से तेल खरीदना रोका, ट्रंप के बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 1% की बढ़ोतरी

मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत आग बुझाने की कोशिश की और शरीर पर पानी डाला, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थी. तुरंत डोंबिवली एमआईडीसी स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. दो सप्ताह तक इलाज जारी रहा, लेकिन सोमवार सुबह सरिता ने दम तोड़ दिया।

महिला की मौत से मचा कोहराम

वहीं, तिलकनगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने इस मामले को भारतीय दंड संहिता की धारा 174 (आकस्मिक मृत्यु) के तहत दर्ज किया है. सरिता की मौत के बाद तिलकनगर में मातम छा गया है. पड़ोसी इस हादसे से गहरे सदमे में हैं. स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि भविष्य में इस तरह के धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं की जान को खतरा न हो।

कितने प्रकार के होते हैं हवन?

हवन दो प्रकार के होते हैं वैदिक तथा तांत्रिक. आप हवन वैदिक करायें या तांत्रिक दोनों प्रकार के हवनों को कराने के लिए हवन कुंड की वेदी और भूमि का निर्माण करना अनिवार्य होता हैं. शास्त्रों के अनुसार वेदी और कुंड हवन के द्वारा निमंत्रित देवी देवताओं की तथा कुंड की सज्जा की रक्षा करते हैं।

हवन की पत्नी का नाम क्या है?

सामूहिक यज्ञ नामक पुस्तक के अनुसार अग्नि की पत्नी का नाम स्वाहा था जो कि दक्ष प्रजापति तथा प्रसूति की पुत्री थीं। उनके चार पुत्र पावक, पवमान, शुचि तथा स्वरोचिष मनु और नील थे। इन्हीं में से एक द्वितीय मनु, स्वरोचिष मनु हुए तथा इन्हीं तीनों से ४५ प्रकार के अग्नियों का प्राकट्य हुआ।

अन्य पढ़ें:

#BreakingNews #FireSafetyAwareness #HavanFire #HindiNews #LatestNews #MaharashtraNews #TragicAccident