పట్టాలు తప్పిన రైలు పట్టాలు తప్పిన చెన్నై ఎక్స్ ప్రెస్ రైలు నేటి నుంచి భారత్ ట్యాక్సీ సేవలు రికార్డు స్థాయికి చేరిన భారత్-చైనా ట్రేడ్ క్రీడా సంఘాల పాలనపై సుప్రీం కోర్టు కీలక వ్యాఖ్యలు ఉచిత పథకాలపై ఆర్థిక సర్వే హెచ్చరిక ముగిసిన అజిత్ పవార్ అంత్యక్రియలు ప్రపంచ దేశాలకు భారత్ షాక్ నేటి నుంచి పార్లమెంట్ బడ్జెట్ సమావేశాలు మహారాష్ట్ర డిప్యూటీ సీఎం అజిత్ పవార్ దుర్మరణం పట్టాలు తప్పిన రైలు పట్టాలు తప్పిన చెన్నై ఎక్స్ ప్రెస్ రైలు నేటి నుంచి భారత్ ట్యాక్సీ సేవలు రికార్డు స్థాయికి చేరిన భారత్-చైనా ట్రేడ్ క్రీడా సంఘాల పాలనపై సుప్రీం కోర్టు కీలక వ్యాఖ్యలు ఉచిత పథకాలపై ఆర్థిక సర్వే హెచ్చరిక ముగిసిన అజిత్ పవార్ అంత్యక్రియలు ప్రపంచ దేశాలకు భారత్ షాక్ నేటి నుంచి పార్లమెంట్ బడ్జెట్ సమావేశాలు మహారాష్ట్ర డిప్యూటీ సీఎం అజిత్ పవార్ దుర్మరణం

Jhansi : बाथरूम में फंदे से लटकी मिली महिला, ससुराल पक्ष पर केस दर्ज

Author Icon By Surekha Bhosle
Updated: April 6, 2026 • 3:44 PM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

झांसी में एक महीने की मासूम बिना किसी जुर्म के जेल में है। दरअसल, मां की मौत के बाद बच्ची के पिता और दादी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बच्ची की देखभाल करने वाला कोई नहीं होने के कारण उसे भी उनके साथ जेल में रहना पड़ रहा है।

झांसी : मामला झांसी में प्रेम नगर के हंसारी स्थित सारंद्रा नगर का है। दरअसल, (Monica) मोनिका (24) की शादी 10 महीने पहले हुई थी और उसने एक महीने पहले ही बेटी को जन्म दिया था। शनिवार को मोनिका की लाश बाथरूम में हैंगर से लटकी हुई मिली।

मायके वालों ने इसे दहेज हत्या (Dowry Death) का मामला बताते हुए केस दर्ज कराया है। एफआईआर के बाद पुलिस ने 5 अप्रैल को पति संदीप सविता और सास गायत्री देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

9 जून 2025 को हुई थी शादी

मोनिका और संदीप सेन की शादी जून 2025 को हुई थी। अब मोनिका की मौत हो गई।

जालौन के कोंच निवासी मोनिका (24) की शादी 9 जून 2025 को सारंद्रा नगर के संदीप सविता से हुई थी। शादी में 4.5 लाख रुपए नकद और सामान दिया था। शादी में करीब 10 लाख रुपए खर्च हुए थे। पति संदीप बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते हैं। एक महीने पहले मोनिका ने एक बेटी को जन्म दिया था। बच्चा होने पर मोनिका समेत अन्य परिजन बहुत खुश थे।

सास ने दरवाजा तोड़कर देखा तो अंदर हैंगर से लटकी हुई थी

शनिवार को सास गायत्री सब्जी बना रही थी। मोनिका नहाने के लिए बाथरूम गई थी। वह काफी देर तक बाथरूम से बाहर नहीं आई तो बच्ची रोने लगी। गायत्री ने पोती को गोद में लिया और बहू को बुलाने बाथरूम में गई।

आवाज दी तो बहू ने जबाव नहीं दिया। तब गेट के नीचे से देखा तो वह बाथरूम के अंदर हैंगर पर दुपट्‌टे से फांसी पर लटकी थी। गायत्री ने गेट तोड़ा और बहू को प्राइवेट अस्पताल ले गई। वहां से मेडिकल कॉलेज लेकर गए। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

भाई बोला- हत्या कर लटकाया गया

माेनिका के भाई अमन का आरोप है कि शादी के बाद ससुराल वाले बहन माेनिका को प्रताड़ित करने लगे। बुलेट मोटरसाइकिल की डिमांड की जाने लगी, जबकि हम लोग बाइक को पैसा पहले ही दे चुके थे। समझाने पर भी नहीं माने और बहन से मारपीट करने लगे। एक बार उसे मारपीट कर घर से भी निकाल दिया था।

हम लोगों ने ससुराल वालों को समझाया, लेकिन वे नहीं माने। करीब एक महीने पहले बहन ने ऑपरेशन से एक बेटी को जन्म दिया। हम लोगों को पच (बच्चे के जन्म से मायके से आने वाला सामान) लेकर जाना था। बहन से बाइक, चेन और अन्य कीमती सामान की डिमांड की जाने लगी। इसे बहन परेशान थी।

एक दिन पहले फोन पर हुई थी बात

भाई ने आगे बताया- शुक्रवार को बहन मोनिका से फोन पर बात हुई थी। तब सबकुछ ठीक था। अगले दिन शनिवार को जीजा का फोन आया कि मोनिका ने फांसी लगा ली। बेहोश है, हम उसे मेडिकल कॉलेज लेकर जा रहे हैं।

अन्य पढ़े: National- बीजेपी का 47वां स्थापना दिवस, देशभर में कार्यक्रमों की धूम

इस सूचना पर हम लोग झांसी आए। यहां पर पता चला कि बहन की मौत हो चुकी है। मेरी बहन ने फांसी नहीं लगाई। उसकी हत्या कर शव को लटकाया गया है। उसे बहुत प्रताड़ित किया जा रहा है। मायके वालों की तहरीर पर पुलिस ने 5 अप्रैल को पति, सास समेत अन्य पर दहेज हत्या का केस दर्ज किया था।

पुलिस बोली- पति-सास को जेल भेजा

प्रेमनगर थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय ने बताया- मोनिका की मौत के मामले में उसके पति संदीप सविता और सास गायत्री देवी को गिरफ्तार किया गया। मोनिका की मौत के बाद बेटी की देखरेख पिता और दादी के द्वारा की जा रही थी।

गिरफ्तारी के समय बच्चे की देखरेख करने वाला कोई सक्षम परिजन उपलब्ध नहीं था। इसलिए बच्चे के हितों को ध्यान में रखते हुए उसे पिता और दादी के पास रखा गया है। बच्चे के लिए दूध, डायपर, कपड़े आदि की व्यवस्था की गई है।

6 साल तक के बच्चे को जेल में रख सकते हैं

जेल अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि अगर किसी अपराध में मां या पिता या फिर अन्य परिजन को जेल जाना पड़ता है और उनके बच्चे की उम्र 6 साल से कम है तो वे बच्चे को अपने साथ जेल में रख सकते हैं। 6 साल बाद कमेटी गठित होती है। कमेटी निर्णय लेती है कि 6 साल से अधिक उम्र के बच्चे को कहां रखा जाएगा।

अन्य पढ़े:

#BreakingNews #HindiNews #JhansiCase #JusticeForChild #WomenSafety #CrimeNews #LatestNews

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.