सिडनी । भारतीय टीम के युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा (Harshit Rana) ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम में शामिल किए जाने के बाद से ही आलोचकों के निशाने पर थे। पहले दो मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद उनके आलोचक मुखर हो गए थे और उनका कहना था कि हर्षित अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाज नहीं हैं।
अंतिम मैच में चार विकेट लेकर आलोचकों को किया चुप
अंतिम एकदिवसीय में हर्षित ने 8.4 ओवर में 39 रन देकर चार विकेट लिए और अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया। इस युवा ने गेंदबाजी के साथ ही अच्छी बल्लेबाजी भी की। दूसरे एकदिवसीय में भी उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की थी।
गौतम गंभीर की चेतावनी ने बढ़ाई प्रेरणा
बताया जा रहा है कि हर्षित के अच्छे प्रदर्शन के पीछे कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) की चेतावनी थी। गंभीर ने उनसे कहा था कि या तो प्रदर्शन करो या बाहर बैठने के लिए तैयार रहो।
बचपन के कोच का समर्थन
हर्षित के बचपन के कोच श्रवण कुमार (Sharwan Kumar) ने बताया कि एकदिवसीय टीम में चयन पर सवाल उठाए गए थे। सिडनी मैच में हर्षित को अर्शदीप सिंह के ऊपर चुना गया, जिससे कई लोग हैरान रह गए।
खुद पर विश्वास रखने की सलाह
श्रवण कुमार ने कहा, “हर्षित ने मुझे फोन किया और बताया कि वह अपने प्रदर्शन से बाहरी लोगों की बातों और आलोचनाओं को शांत करना चाहता है। मैंने बस कहा, ‘खुद पर विश्वास रखो।’ उन्होंने यह भी कहा कि कुछ क्रिकेटर कहते हैं कि वह गंभीर के करीब हैं इसलिए टीम में हैं, लेकिन गंभीर को प्रतिभा की पहचान करना आता है और उन्होंने उनका समर्थन किया है।
Read More :