टूट गए रन और छक्कों के सारे रिकॉर्ड
स्पोर्ट्स डेस्क: IPL 2026 ने बल्लेबाजी के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। इस सीजन का ओवरऑल रनरेट 9.85 रहा, जो आईपीएल इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा है। लीग स्टेज खत्म होने तक टीमों(Teams) ने रिकॉर्ड 61 बार 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया। हैरानी की बात यह है कि टूर्नामेंट के शुरुआती 9 सीजनों (2008 से 2016) को मिलाकर भी केवल 57 बार ही 200+ का स्कोर बन पाया था, जिससे साफ पता चलता है कि इस साल बल्लेबाजों ने किस कदर तबाही मचाई है।
IPL: गेंदबाजों की शामत और पावरप्ले में रनों की बारिश
इस सीजन में गेंदबाजों के लिए बचना नामुमकिन सा हो गया। आईपीएल इतिहास में पहली बार पावरप्ले (शुरुआती 1 से 6 ओवर) का रनरेट 10 के पार पहुंच गया। रनों की इस आंधी में पेसर्स और स्पिनर्स दोनों की जमकर धुनाई हुई। जहाँ तेज गेंदबाजों की इकॉनमी रिकॉर्ड 9.94 रही, वहीं स्पिनर्स ने भी 9.26 की सबसे महंगी इकॉनमी से रन लुटाए। रनों के इस दबाव का असर फील्डिंग पर भी दिखा और पूरे लीग स्टेज में कुल 169 कैच टपकाए गए, जिसमें हैदराबाद की टीम 26 कैच छोड़कर सबसे आगे रही।
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छक्कों का महारिकॉर्ड और बड़े लक्ष्यों का आसान पीछा
इस साल दर्शकों को हर 12वीं गेंद पर छक्का देखने को मिला, जिसके चलते आईपीएल के किसी एक सीजन में पहली बार 1300 का आंकड़ा पार करते हुए कुल 1349 छक्के लगे। सिर्फ यही नहीं, अब गेंदबाजों के लिए बड़े से बड़ा स्कोर भी सुरक्षित नहीं रहा। इस सीजन में रिकॉर्ड 16 बार 200+ रनों के टारगेट को सफलतापूर्वक चेज किया गया। साथ ही, जीतने वाली टीम का औसत स्कोर पहली बार 215 के पार पहुंचकर 217 रन रहा, जो इस सीजन के बेखौफ अंदाज को बयां करता है।
IPL 2026 में छक्कों और शतकों को लेकर क्या विशेष रिकॉर्ड बने?
इस सीजन में पहली बार छक्कों की संख्या 1300 के पार (कुल 1349 छक्के) पहुंची, जहाँ हर 12वीं गेंद पर एक सिक्स लगा। इसके अलावा, लीग स्टेज खत्म होने तक ही 14 शतक लग चुके हैं, जिसने किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है और अभी 4 मैच बाकी हैं।
इस सीजन में गेंदबाजों और फील्डिंग करने वाली टीमों का प्रदर्शन कैसा रहा?
यह सीजन गेंदबाजों के लिए इतिहास का सबसे खराब सीजन रहा; पेसर्स की इकॉनमी 9.94 और स्पिनर्स की इकॉनमी 9.26 रही, जो अब तक की सबसे महंगी है। दबाव के कारण फील्डिंग भी खराब रही और कुल 169 कैच छूटे, जिसमें सबसे खराब रिकॉर्ड हैदराबाद (26 कैच छूटे) का रहा।
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