मानसिक उत्पीड़न और अभद्रता की शिकायत
स्पोर्ट्स डेस्क: टोक्यो और पेरिस पैरालिंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर भारत(India) का गौरव बढ़ाने वाले जेवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल(Sumit Antil) ने द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच नवल सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सुमित ने स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (SAI) में शिकायत दर्ज कराई है कि कोच नवल सिंह लंबे समय से उन्हें और उनके परिवार को निशाना बनाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। सुमित के अनुसार, कोच जानबूझकर अभद्र भाषा वाली ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके प्रबंधकों को भेजते थे ताकि एथलीट को मानसिक दबाव में रखा जा सके।
नीरज चोपड़ा सहित अन्य एथलीट आए समर्थन में
इस विवाद में ओलिंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने सुमित अंतिल का खुलकर समर्थन किया है। नीरज के अलावा नवदीप सिंह और संदीप चौधरी जैसे पैरा एथलीट्स ने भी कोच के इस व्यवहार की निंदा की है। सुमित ने कोच पर यह भी आरोप लगाया कि वे अपने शिष्य सचिन यादव को नीरज चोपड़ा से आगे बढ़ाने की साजिश रच रहे हैं। सुमित के मुताबिक, इस ‘कम्पेटिटिव इंटरेस्ट’ के चलते ही कोच उनके खिलाफ अनैतिक हथकंडे अपना रहे हैं।
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अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल
सुमित अंतिल ने SAI और TOPS (टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम) के ढुलमुल रवैये पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने बताया कि शिकायत दर्ज कराने के एक हफ्ते बाद भी उन्हें रसीद तक नहीं मिली है और TOPS के CEO मामले को सुलझाने के बजाय इसे दबाने या समझौता कराने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर SAI ने स्पष्ट किया है कि नवल सिंह उनके कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि वे एथलेटिक्स महासंघ (AFI) द्वारा कैंप में नियुक्त किए गए हैं। संस्थान ने मामले को AFI के समक्ष उठाने की बात कही है।
कोच नवल सिंह पर सुमित अंतिल ने मुख्य रूप से क्या आरोप लगाए हैं?
सुमित का आरोप है कि कोच नवल सिंह उन्हें और उनके परिवार को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। कोच ने उनके लिए अभद्र भाषा का उपयोग किया और जानबूझकर गाली-गलौज वाली ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके मैनेजरों को भेजी। इसके अलावा, उन पर अपने चहेते खिलाड़ी (सचिन यादव) को नीरज चोपड़ा से आगे बढ़ाने के लिए दुर्भावनापूर्ण साजिश रचने का भी आरोप है।
इस मामले में SAI का क्या रुख है?
SAI ने स्वीकार किया है कि उन्हें सुमित अंतिल से शिकायत मिली है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि नवल सिंह SAI के कर्मचारी नहीं हैं। वे वर्तमान में भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) के तहत कोचिंग कैंप का हिस्सा हैं। इसलिए, SAI इस मामले को सीधे कार्रवाई करने के बजाय संबंधित महासंघ (AFI) के साथ उठाकर हल करने का प्रयास कर रहा है।
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