नई दिल्ली। पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा (Akash Chopra) ने कहा है कि वह आक्रामक बल्लेबाज ईशान किशन को टी20 विश्वकप में भारतीय टीम की अंतिम एकादश में खेलते देखना चाहते हैं।
विश्वकप टीम में ईशान की वापसी पर भरोसा
हाल में घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद ईशान किशन (Ishan Kishan) की विश्वकप के लिए भारतीय टीम में वापसी हुई है। आकाश चोपड़ा का मानना है कि ईशान टीम के लिए अहम साबित हो सकते हैं।
सलामी के साथ मध्यक्रम में भी सक्षम
चोपड़ा ने कहा कि ईशान न सिर्फ एक अच्छे सलामी बल्लेबाज हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर मध्यक्रम में भी प्रभावी बल्लेबाजी कर सकते हैं। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज की उन्होंने जमकर तारीफ की।
जुनूनी खिलाड़ी हैं ईशान किशन
आकाश चोपड़ा ने ईशान को एक जुनूनी खिलाड़ी बताते हुए कहा कि ऐसे खिलाड़ी बड़े टूर्नामेंट (Turnament) में टीम को मजबूती देते हैं। उन्हें उम्मीद है कि ईशान टी20 विश्वकप में अहम भूमिका निभाएंगे।
टीम की बल्लेबाजी को मिलेगा संतुलन
चोपड़ा का मानना है कि ईशान के टीम में रहने से भारतीय बल्लेबाजी और मजबूत होगी। इससे टीम को आक्रामक शुरुआत और बेहतर संतुलन मिलेगा।
न्यूजीलैंड सीरीज से लय में आने का मौका
इससे पहले ईशान किशन के पास न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में बेहतर बल्लेबाजी कर अपनी लय हासिल करने का अच्छा अवसर है।
नंबर तीन पर खेलने का भी अनुभव
एक वीडियो में चोपड़ा ने कहा कि अगर यह माना जाए कि नंबर तीन ईशान की स्वाभाविक पोजीशन नहीं है, तो यह जानना जरूरी है कि आईपीएल 2025 में उन्होंने इसी स्थान पर खेलने की तैयारी की थी। सनराइजर्स के लिए नंबर तीन पर उतरते हुए उन्होंने पहले ही मैच में शतक जड़ा था।
घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन
चोपड़ा ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में घरेलू क्रिकेट में ईशान का प्रदर्शन इतना शानदार रहा है कि उनके अच्छे प्रदर्शन से किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए। इसी आधार पर टी20 विश्वकप में उन्हें अंतिम एकादश में जगह मिलती दिख रही है।
लंबे समय बाद टीम में वापसी
घरेलू क्रिकेट की उपेक्षा के कारण ईशान किशन को एक साल से ज्यादा समय तक भारतीय टीम से बाहर रहना पड़ा। उन्होंने आखिरी बार नवंबर 2023 में भारत के लिए मैच खेला था।
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सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में कप्तानी का कमाल
घरेलू सर्किट में कड़ी मेहनत के बाद ईशान ने वापसी की। उन्होंने झारखंड को कप्तान के तौर पर सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जिताई। इस दौरान उन्होंने 10 मैचों में 197.32 के स्ट्राइक रेट से 517 रन बनाए और टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने।
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